गोरखपुर: गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में पिछले साल संदिग्ध परिस्थितियों में बड़ी संख्या में भर्ती मरीज बच्चों की मौत के मामले के आरोपी डॉक्टर कफील खान के भाई को मोटरसाइकिल सवार कुछ बदमाशों ने गोली मारकर गंभीर रुप से घायल कर दिया. कफील ने इस वारदात के बाद ट्वीट कर कहा ‘‘अल्लाह रहम करे. मैं झुकने वाला नहीं हूं.‘‘ उनके परिवार ने पुलिस सुरक्षा की मांग की है.
पुलिस सूत्रों ने बताया कि रविवार रात करीब 11 बजे कुछ मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने हुमायूंपुर उत्तरी क्षेत्र में जेपी हॉस्पिटल के पास डॉक्टर कफील खान के भाई काशिफ (34) पर गोलियां चलायीं जो उनकी बांह, गर्दन और ठुड्डी पर लगीं. उनका ऑपरेशन किया गया है. उनकी हालत स्थिर है.
कफील ने कहा ‘‘सबसे पहले, मैं आप सबका शुक्रिया अदा करना चाहता हूं. मेरे भाई काशिफ को लगी गोलियां बाहर निकाल ली गई हैं और उनका ऑपरेशन कामयाब रहा. वह इस वक्त आईसीयू में हैं. उन्हें तीन गोलियां मारी गई थीं. किसने मारीं, यह हम नहीं जानते. लेकिन यह उस गोरखनाथ मंदिर से 500 मीटर की दूरी पर हुआ, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सो रहे थे.‘‘
उन्होंने कहा कि स्कूटी पर सवार दो हमलावरों ने उनके भाई को गोलियां मारीं और वे भाग गए. यह प्रदेश की कानून-व्यवस्था का हाल है.खान ने कल एक व्हाट्सएप संदेश में कहा था ‘‘मेरे भाई जमील को आज तीन गोलियां मारकर हत्या का प्रयास किया गया. मैं हमेशा कहता था कि वे हमें मारने की कोशिश करेंगे.‘‘
यह पूछे जाने पर कि उनके परिवार को किससे खतरा है, उन्होंने कहा ‘‘गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन आपूर्ति बाधित होने के बड़े दोषी लोग अब भी कानून के शिकंजे से बाहर हैं और हमें उनसे डरे हुए हैं. हमारी जिंदगी खतरे में है.‘‘
इस बीच, खान की मां नुजहत परवीन ने भी पुलिस सुरक्षा की मांग की है. उन्होंने कहा ‘‘मेरा पूरा परिवार खतरे में है. मैं प्रशासन और राज्य सरकार से अपील करती हूं कि हमें पुलिस सुरक्षा मुहैया करायी जाए.‘‘
गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शलभ माथुर ने कहा कि इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पुलिस सभी सम्भावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है.
मालूम हो कि डॉक्टर कफील खान को पिछले साल 10-11 अगस्त को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में संदिग्ध रूप से ऑक्सीजन की कमी के कारण 24 घंटे के अंदर 30 से ज्यादा बच्चों की मौत के मामले में गिरफ्तार किया गया था. हादसे के वक्त वह मेडिकल कॉलेज के एईएस वार्ड के नोडल अफसर थे. उन्हें हाल ही में जमानत पर रिहा किया गया है.