लखनऊ: यूपी सरकार ने केंद्र से देश में एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराने की सिफारिश की है. इसके लिए एक कमिटी का गठन किया गया था जिसने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है. यूपी के एक वरिष्ठ मंत्री की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में 2029 से लोकसभा से पंचायत तक के सभी चुनाव एक साथ कराने का सुझाव दिया है. रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'हम इस रिपोर्ट को केंद्र को भेज रहे हैं और यह जनता के व्यापक हित में काफी अच्छा कदम होगा.' उन्होंने कहा ​कि समिति की रिपोर्ट में सुझाव है कि चुनाव प्रणाली को साफ सुथरा रखने के लिए आधार नंबर को मतदाताओं के नाम के साथ लिंक कर देना चाहिए इससे मतदाता के नाम का दोहराव नहीं हो सकेगा. रिपोर्ट में कहा गया है कि ' ऐसा प्रस्ताव है कि उदाहरण के लिए पहले लोकसभा और प्रदेशों के चुनाव एक साथ कराये जाएं. बाद में इसमें स्थानीय निकाय चुनावों को भी शामिल कर लिया जाए.' यह रिपोर्ट 23 पन्नों की है. इसे सौंपने वाली सात सदस्यीय समिति की अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने की. कमेटी का गठन मुख्यमंत्री ने किया था. रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपने के बाद सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा, ' उत्तर प्रदेश पहला राज्य है जो पंचायत स्तर तक के सभी चुनावों को एक साथ करवाने पर राष्ट्रीय स्तर पर विमर्श कराने के प्रधानमंत्री के विचार को आगे बढ़ा रहा है. हमने इसका अध्ययन किया और पाया कि यह संभव हो सकता है.' प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और राज्य सरकार के प्रवक्ता सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘एक देश-एक चुनाव’ के सुझाव के समर्थन में उत्तर प्रदेश लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने का पक्षधर है.