लखनऊ: भारतीय किसान यूनियन के एक गुट से संबद्ध संभल के किसानों ने ऐलान किया है कि वे एक जून से दस जून तक शहरों को दूध, सब्जी और अनाज की आपूर्ति रोक देंगे.संगठन के पदाधिकारी संजय त्यागी ने आज भदरौला गांव में एक पंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि दूध और टमाटर काफी कम कीमत पर बिक रहे हैं. किसानों को गन्ने का भी सही मूल्य नहीं मिल रहा है. फिर तो बंद ही विकल्प बचता है. ऐसे में किसान एक जून से 10 जून तक दूध, स​ब्जी और अनाज शहरों में नहीं बेचेंगे. इस बीच राष्ट्रीय किसान मंच ने उक्त घोषणा से खुद को असंबद्ध बताया है.मंच के अध्यक्ष शेखर दीक्षित ने लखनऊ में बताया कि बंद का लखनऊ एवं आसपास के​ जिलों में कोई असर नहीं हुआ. हमारा मानना है कि किसानों से उनके उत्पाद फेंकने के लिए कहने का कोई औचित्य नहीं है क्योंकि उन्होंने फसल उगाने में कड़ी मेहनत की है. बता दें कि देशभर के किसानों ने केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. राष्ट्रीय किसान महासंघ ने केन्द्र सरकार की कथित किसान विरोधी नीतियों के विरोध में देश भर में आज से 10 जून तक सब्जियों, अनाजों और दूध जैसे कृषि उत्पादों की आपूर्ति नहीं करने को कहा है. आज मध्य प्रदेश में आंदोलनकारी किसानों ने सड़कों पर दूध बहा दिए. फसल की सही कीमत नहीं मिलने से गुस्साए किसानों ने पंजाब के फरीदकोट में सड़क पर फल और सब्जियां फेंकी. किसानों के आंदोलन से मच सकता है हाहाकार महासंघ का दावा है कि देश के लगभग 22 राज्यों के 130 संगठनों ने इसका समर्थन दिया है. अगर ऐसा हुआ तो इससे खाने-पीने की चीजों के दामों में जबर्दस्त उछाल आ सकता है और इससे हाहाकार मच सकता है. महासंघ का कहना है कि किसान पूरे देश में 1 जून से 10 जून तक अनाजों, सब्जियों और दूध जैसे उत्पादों को गांवों से शहरों में भेजना बंद कर देंगे.