नई दिल्ली: हम सब में से बहुत से लोग अपने बचपन में कई तरह के खिलौने से खेले होंगे. उन खिलौनों में गाड़ियां भी जरुर रही होगी. आम तौर पर लकड़ी के खिलौने बाजार में बच्चों को काफी लुभाते हैं. लेकिन क्या आपने सोचा था कि लकड़ी के खिलौने वाली गाड़ियां एक दिन सड़कों पर दौड़ती नजर आएंगी? शायद नहीं, लेकिन अब पंजाब के एक लड़के ने अपने पिता के साथ मिल कर इस कारनामे को अंजाम दिया है. दो महीने की कड़ी मेहनत के बाद बनाई कार 70 माईल्स प्रति घंटा की स्पीड से चलने वाली लकड़ी की इस कार को अमनदीप सिंह और उनके पिता मोहिंदर सिंह ने लगभग दो महीने की कड़ी मेहनत के बाद बनाया है. इस कार में पहिये और इंजन के अलावा बाकी सबकुछ लकड़ी का है. देखने में बेहद खूबसूरत लगने वाली ये कार आजकल पंजाब के पटियाला में लोगों के लिए आकर्षण की मुख्य वजह बनी हुई है. घर पर बनाई कार, नहीं था वर्कशॉप का खर्चा उठाने का पैसा 800 सीसी की इस कार को बनाने वाले मोहिंदर सिंह ने बताया कि वे मेटल से बनी कार सड़कों पर रोज देखते थे, लेकिन वे चाहते थे कि एक लकड़ी की कार बनाई जाए जो देखने में यूनीक हो. उन्होंने कहा कि पूरी कार घर पर बनाई गई है क्योंकि वे वर्कशॉप का खर्चा नहीं उठा सकते थे. कार पेट्रोल से चलती है. अमनदीप बताते हैं कि वे एक ऐसी कार बनाना चाहते थे जो उनकी अपनी होने के साथ-साथ यूनीक हो इसलिए उन्होंने पिता के साथ मिल कर ये कार बनाई है.
अमनदीप बने पटियाला के लोकल हीरो अमनदीप के इस कारनामे ने उन्हें पटियाला का लोकल हीरो बना दिया है. अमनदीप के मुताबिक जब वे अपनी कार से बाहर जाते हैं तो सभी लोग उनकी कार को देखते हैं. खास कर जब वे कहीं रुकते हैं तब लोग उनसे यूनीक कार के बारे में सिर्फ पूछते ही नहीं हैं बल्कि उनसे एक और कार अपने लिए बनाने को कहते हैं. [embed] मां जसविंदर कौर बेटे की इस कामयाबी से खुश अमनदीप की मां जसविंदर कौर बेटे की इस कामयाबी से खुश हैं. उन्होंने कहा, अमनदीप ने उम्दा काम किया है, उनके बेटे ने पंजाब में ही नहीं बाहर भी अपना नाम रौशन किया है. अमनदीप एक विंटेज कार बनाना चाहते हैं. उनका कहना है कि खुद की डिजाइन की गई एक कार बनाना चाहता हूं. अमनदीप ने कहा कि लकड़ी से बनी एक विंटेज कार बनाने में मेरे पिता मेरी मदद करेंगे.