ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी छोड़कर एनसीपीआई में गए लोकसभा सांसद यूसुफ पठान क्या फिर रुख बदलेंगे? उन्होंने बुधवार (5 अगस्त) को बंगाल में वोटर लिस्ट से कथित तौर पर लोगों के नाम काटे जाने को लेकर सीएम सुवेंदु अधिकारी को चिट्ठी लिखी. उन्होंने वोटर लिस्ट के वेरिफिकेशन के लिए हर जिले में स्पेशल ट्रिब्यूनल कोर्ट बनाने की मांग की. वोटर लिस्ट को लेकर ये मुद्दा बीजेपी को असहज कर सकता है.
पत्र में पठान ने जिला-स्तर पर ट्रिब्यूनल कोर्ट बनाने, वेरिफिकेशन की आसान प्रक्रिया और डेडिकेटेड हेल्प डेस्क शुरू करने का आग्रह किया है, ताकि इस प्रक्रिया को ज़्यादा आसान और समय-सीमा के भीतर पूरा किया जा सके.
क्या बोले यूसुफ पठान?
यूसुफ पठान ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा, ''सुवेंदु अधिकारी से कल मुलाकात हुई. इस दौरान तीन सांसद मौजू थे. 27 लाख से 32 लाख वोटर्स के नाम काटे गए, जो नाम काटे गए हैं, उसको लेकर ट्राइब्यूनल कोर्ट गए हैं. उसे कंसिडर किया जाए. जो प्रोसेस है, उसे आसान किया जाए. हर जिले में ट्राइब्यूनल बनाया जाए. उन्होंने आश्वासन दिया है कि जो भी देश के नागरिक हैं, उन्हें तकलीफ नहीं होगी.''
पश्चिम बंगाल की जंगीपुर से खलीलुर रहमान, मुर्शिदाबाद से अबू ताहिर खान और बहरामपुर से यूसुफ पठान उन 20 सांसदों में शामिल हैं, जिन्होंने बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद टीएमसी में बगावत कर दी थी. ये सभी सांसद एनसीपीआई के साथ जुड़ गए थे. बाद में एनसीपीआई ने बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए को समर्थन देने का ऐलान किया. एनसीपीआई को लेकर स्पीकर ओम बिरला के फैसले का इंतजार है.
नाराजगी पर क्या बोली शताब्दी रॉय?
हालांकि पिछले कुछ दिनों से खलीलुर रहमान, अबू ताहिर खान और यूसुफ पठान की नाराजगी की खबर है और दावा किया जा रहा है कि ये तीनों टीएमसी में फिर से वापसी कर सकते हैं.
पिछले दिनों तीनों ही सांसद NDA संसदीय दल की 'मंगल मिलन' बैठक में भी शामिल नहीं हुए थे. संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए अबू ताहिर खान ने मंगलवार को कहा, "हम NDA के साथ नहीं हैं और न ही हम BJP में जा रहे हैं, आप निश्चिंत रहें.हम मुसलमानों के खिलाफ किसी भी कदम का समर्थन भी नहीं करेंगे.''
नाराजगी की खबरों पर जब टीएमसी की बागी सांसद शताब्दी रॉय से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि तीनों ही सांसद सीएम से मिले थे. अपने मुद्दे उन्होंने उठाए हैं.
