पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी से अलग हुए सांसदों के गुट को लेकर अटकलों पर विराम लग गया है. टीएमसी छोड़कर एनसीपीआई में शामिल हुए यूसुफ पठान और अबु ताहिर को लेकर सूत्रों ने बताया कि कहीं कोई मतभेद नहीं है. 

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कई रिपोर्ट्स में दावा था कि नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया (NCPI) के कुछ सांसद एनडीए के साथ रहने में असहज़ हैं. ऐसे में ममता बनर्जी के खेमे में फिर लौट सकते हैं. हालांकि अब सूत्रों ने साफ कर दिया है कि कोई असहजता नहीं है और NCPI के साथ बने हुए हैं. 

सीएम ने साथ किया लंच

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मंगलवार (4 अगस्त) को दिल्ली में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का एनसीपीआई के तमाम सांसदों के साथ लंच हुआ, उसमें वो सांसद मौजूद थे जिनको लेकर पाला बदलने की चर्चा चल रही थी. 

लंच के बाद क्या बोले नेता?

सीएम के साथ लंच के बाद बीजेपी नेता सुखेंदु शेखर रॉय ने कहा, "यह एक शिष्टाचार भेंट थी; मैं बस उनसे मिलने आया था." वहीं बैठक के बाद टीएमसी की बागी रचना बनर्जी ने कहा कि सीएम के साथ अच्छी मुलाकात रही. हम लोग इंतजार कर रहे थे. कई सलाह मिली. हम अपने क्षेत्र के विकास के लिए काम करेंगे. क्षेत्र का विकास कैसे होगा, इन सब मुद्दों पर बातचीत हुई. 

सीएम के साथ बैठक क्यों जरूरी?

विधानसभा चुनाव के बाद TMC से अलग हुए 20 लोकसभा सांसदों ने NCPI जॉइन किया था. ये सभी सांसद संसद के अंदर NDA सहयोगी के तौर पर काम कर रहे हैं, लेकिन यह ग्रुप लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के अंतिम फैसले का इंतजार कर रहा है.

आज की मीटिंग को लेकर राजनीतिक जानकारों का कहना है कि BJP के नेतृत्व वाली राज्य सरकार और NCPI सांसदों के बीच तालमेल और मजबूत होने की उम्मीद है. यह तालमेल चुनाव क्षेत्र के विकास, संसदीय रणनीति और संगठनात्मक मुद्दों के लिए जरूरी है. 

अधिकारी ने इससे पहले 8 जून को बागी सांसदों से मुलाकात की थी, जब TMC संसदीय दल में टूट हो रही थी. जब से सांसद औपचारिक रूप से NCPI में शामिल हुए और पार्टी NDA का हिस्सा बनी, तब से मुख्यमंत्री और संसदीय समूह के बीच कोई ठोस बैठक नहीं हुई.