सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल में भर्ती कराने पर भड़के योगेंद्र यादव, बोले - 'उनको लगा आंदोलन...'
ऐसे में एक वीडियो सामने आया है, जिसमें लोगों को योगेंद्र यादव संबोधित कर रहे हैं. 20 जुलाई (सोमवार) को जहां संसद में मॉनसून सत्र की शुरुआत होगी, उसी समय दिल्ली में प्रदर्शनकारी संसद मार्च निकालेंगे.

दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के नेतृत्व में लगभग एक महीने से प्रदर्शन चल रहा है. अब ये आंदोलन अपने अहम पड़ाव पर पहुंच चुका है. धरना प्रदर्शन स्थल पर लोगों की भीड़ भी देखने को मिल रही है. इस जगह से जुड़े कई वीडियो सामने आए हैं.
ऐसे में एक वीडियो सामने आया है, जिसमें लोगों को योगेंद्र यादव संबोधित कर रहे हैं. 20 जुलाई (सोमवार) को जहां संसद में मानसून सत्र की शुरुआत होगी, उसी समय दिल्ली में प्रदर्शनकारी संसद तक मार्च निकालेंगे. योगेंद्र यादव ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा है कि सरकार ने सोचा था कि आंदोलन की हवा निकल जाएगी. हुआ उल्टा, हवा आंदोलन की नहीं निकली बल्कि पूरे समाज में चल पड़ी है.
सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर योगेंद्र यादव ने साधा निशाना
योगेंद्र यादव सरकार पर और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर निशाना साधते हुए नजर आ रहे हैं. यादव ने कहा, अन्ना आंदोलन से पहले लोगों को सोचना नहीं पड़ता था कि उनकी फोटो निकाली जाएगी, उनके घर छापा पड़ सकता है. वहां बच्चा भी आधी रात को आया करता था. सवाल ये पूछना चाहिए था कि सरकार के प्रतिनिधि क्यों नहीं आए. विपक्ष का नेता क्यों नहीं आया. असली सवाल पूछो न कि सरकार को लोग क्यों नहीं आए. इस दौरान वह सोनम वांगचुक की एक वीडियो अपील के बारे में भी बात करते हुए नजर आए.
योगेंद्र यादव ने कहा कि परसो यानी 18 जुलाई को जारी एक भाषण में वांगुचक ने कहा था कि अभी मैं जिंदा हूं. इसकी क्लिप काफी वायरल हुई है. इस वीडियो को 141 मिलियन लोगों ने देखा है. इस देश का रिकॉर्ड होगा. यानी उस वीडियो को 14 करोड़ लोगों ने देखा.
इस दौरान उन्होंने सोनम वांगचुक को सलामी भी दी. योगेंद्र यादव ने वांगचुक को लेकर कहा कि यह अलग मिट्टी का बना है. इन्हें लगा हवा निकल जाएगी, लेकिन हवा चलने लग गई. इस दौरान यादव ने तंज भी कसा. उन्होंने मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि वो (डॉक्टर्स) कहते हैं, कि वाइटल्स डाउन हैं, लेकिन किसके वाइटल्स डाउन हैं, सोनम वांगचुक के नहीं थे.
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20 दिन मिलने नहीं आए, एक दम से चिंता होने लगी: योगेंद्र यादव
कहते हैं कि इनकी तबीयत खराब थी. इसलिए इनकी चिंता हो गई. देखो कितनी संवेदनशील सरकार है. 20 दिन मिलने का वक्त नहीं मिला, आज इन्हें सोनम वांगचुक की सेहत की चिंता हो गई. यह हाईकोर्ट के ऑर्डर की आड़ ले रहे हैं. इस दौरान उन्होंने सोनम वांगचुक के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि जो हुआ वो बेहद ही शर्मनाक है. उन्हें चादर में धकेला और पोटली बनाकर ले गए. जिंदा आदमी को ऐसे नहीं लिया जाता, न धकेला जाता है. सफेद चादर में जिंदा आदमी को नहीं बांधा जाता. यादव ने कहा कि शर्म आनी चाहिए इस सरकार को, इस पुलिस को, इन गुंडो को. यादव ने सोनम वांगचुक की देश का सरताज करार दिया है. यादव ने इस पूरी कार्रवाई के पीछे 20 तारीख को होने वाले मार्च में अड़चन डालने का आरोप लगाया है.
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