Women’s Reservation Bill: 'अखिलेश जी मेरे मित्र, कभी-कभी मदद कर देते हैं', PM मोदी ने सपा प्रमुख का संसद में क्यों किया जिक्र
Women’s Reservation Bill in India: प्रधानमंत्री मोदी ने महिला आरक्षण बिल के मामले पर बोलते हुए संसद में सपा प्रमुख अखिलेश यादव का जिक्र किया. उन्होंने अखिलेश यादव को अपना मित्र भी बताया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में गुरुवार (16 अप्रैल) को महिला आरक्षण बिल पर बात करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव का जिक्र करते हुए कहा कि मैं भी पिछड़े वर्ग से आता हूं. पीएम ने धर्मेंद्र यादव का भी जिक्र किया और अखिलेश यादव को अपना मित्र बताया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महिला आरक्षण बिल का विरोध करने वाली पार्टियों को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा.
पीएम मोदी ने अखिलेश यादव और धर्मेंद्र यादव का जिक्र करते हुए कहा, 'ये बात सही है कि मैं अति पिछड़े समाज से आता हूं. अखिलेश जी मेरे मित्र हैं तो कभी-कभी मदद कर देते हैं. मैं अति पिछड़े समाज से आता हूं, लेकिन संविधान ने रास्ता दिखाया है कि सबको साथ लेकर चलूं. देश की नारी शक्ति हमारे निर्णय के साथ-साथ हमारी नीयत को देखेगी. पिछले दिनों जब 2023 में हम चर्चा कर रहे थे, तब हर कोई कह रहा था कि जल्दी करो. 2024 में लागू करना संभव नहीं था. 2029 में अवसर है. समय की मांग है कि हम ज्यादा विलंब न करें.'
विरोध करने वालों को महिलाओं ने कभी नहीं किया माफ - पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'हमारे देश में जब से महिला आरक्षण को लेकर चर्चा हुई और उसके बाद जब-जब चुनाव आया है, महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का जिस-जिसने विरोध किया है, महिलाओं ने उसे माफ नहीं किया है. 2024 के चुनाव में ऐसा नहीं हुआ, ऐसा इसलिए नहीं हुआ क्योंकि तब सभी ने सर्वसम्मति से इसे पारित किया तो यह विषय ही नहीं रहा.'
#WATCH | Speaking in Lok Sabha on women's reservation and delimitation, Prime Minister Narendra Modi says, "Dharmendra Yadav (Samajwadi Party MP) ji, I am very grateful to you for introducing me. It's true, I come from a very backward community. Akhilesh ji is my friend, so he… pic.twitter.com/qCjPfygujD
— ANI (@ANI) April 16, 2026
'किसी एक पार्टी को नहीं होगा राजनीतिक फायदा' - प्रधानमंत्री मोदी
उन्होंने कहा, 'अगर हम सब साथ आ जाते हैं, तो इतिहास गवाह है, ये किसी एक के राजनीतिक पक्ष में नहीं जाएगा. ये देश के लोकतंत्र के पक्ष में जाएगा, देश की सामूहिक निर्णय शक्ति के पक्ष में जाएगा और हम सब उस यश के हकदार होंगे. न ट्रेजरी बैंक उसका हकदार होगा और न ही मोदी उसका हकदार होगा, इसलिए जिन किसी को भी इससे राजनीति की बू आ रही है, वो पिछले 30 साल के खुद के परिणामों को देख लें. फायदा उनका भी इसी में है. जो नुकसान हो रहा है उससे बच जाआगे. इसलिए इसे राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है.'
Source: IOCL

























