हिंदी न्यूज़न्यूज़इंडियाWomen Reservation: 'तमिलनाडु ने हराया दिल्ली का अहंकार', लोकसभा में पास नहीं हुआ महिला आरक्षण बिल तो बोले स्टालिन
Women Reservation: 'तमिलनाडु ने हराया दिल्ली का अहंकार', लोकसभा में पास नहीं हुआ महिला आरक्षण बिल तो बोले स्टालिन
Women Reservation Bill: संसद में महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो सका. इस बीच विपक्ष ने केंद्र सरकार को बड़ी चुनौती पेश की है. इस पर कई नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है.
By : एबीपी लाइव | Edited By: सौरभ कुमार | Updated at : 18 Apr 2026 01:39 PM (IST)
बिल फेल, सियासी संग्राम तेज!
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महिला आरक्षण से जुड़े बिल पर संसद में शुक्रवार (17 अप्रैल 2026) को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब एकजुट विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अंतरात्मा की आवाज़ पर वोट देने की अपील और गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्ताव को ठुकरा दिया. इस बिल में यह प्रावधान था कि सभी राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या 50 प्रतिशत बढ़ाई जाएगी. लेकिन इस मुद्दे पर सरकार को हार का सामना करना पड़ा और यह बिल जरूरी दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका.
महिला आरक्षण से जुड़े इस संविधान संशोधन बिल के समर्थन में 298 वोट पड़े, जबकि विरोध में 230 वोट आए. इसे पास होने के लिए करीब 352 वोटों की जरूरत थी, जो नहीं मिल पाए. इसके साथ ही करीब 12 साल में पहली बार ऐसा हुआ जब केंद्र सरकार का कोई बड़ा विधेयक संसद में पास नहीं हो सका.
विपक्षी दलों ने इस बिल पर कई सवाल उठाए. उनका कहना था कि 2029 से महिलाओं को आरक्षण देने की बात के पीछे असल में दक्षिण भारत के राज्यों की ताकत कम करने, राजनीतिक संतुलन बदलने और जाति जनगणना को टालने की कोशिश की जा रही है. विपक्ष ने सरकार के इस दावे को भी नहीं माना कि नए फॉर्मूले से दक्षिण भारत का महत्व बढ़ेगा. बिल पास नहीं होने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि इससे जुड़े दो अन्य बिल, जिनमें परिसीमन से जुड़ा प्रस्ताव भी शामिल है, वापस ले लिए जाएंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिलाओं को सम्मान देने का ऐतिहासिक मौका खो दिया है और सरकार तब तक प्रयास करती रहेगी जब तक महिलाओं को विधायिकाओं में आरक्षण नहीं मिल जाता.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान
बीजेपी की ओर से भी विपक्ष पर तीखी प्रतिक्रिया दी गई. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि विपक्ष ने विकास के बजाय राजनीति को चुना है और उनका विरोध उनके असली इरादों को दिखाता है. वोटिंग से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सभी सांसदों से भावुक अपील की थी कि वे अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुनें और महिलाओं के अधिकार के लिए बिल के पक्ष में वोट करें. उन्होंने कहा था कि सरकार ने सभी शंकाओं का समाधान कर दिया है और किसी तरह की गलतफहमी नहीं रहनी चाहिए.
बिल को लेकर सरकार पर निशाना साधा
विपक्षी नेताओं ने इस बिल को लेकर सरकार पर निशाना साधा. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि महिला आरक्षण के साथ परिसीमन को जोड़ना गलत कोशिश थी, जो आखिरकार फेल हो गई. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन परिसीमन के नाम पर किसी तरह की साजिश स्वीकार नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि सीटों की संख्या बढ़ाने से देश में असंतुलन पैदा हो सकता है. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने इसे दिल्ली की हार बताया, जबकि आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह मोदी सरकार के अहंकार की हार है.
बीजेपी ने विपक्ष को महिला विरोधी बताया
इस पूरे घटनाक्रम के बाद संसद के बाहर भी माहौल गरम रहा. बीजेपी ने विपक्ष को महिला विरोधी बताया, जबकि एनडीए की महिला सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया. दूसरी तरफ विपक्ष अपने रुख पर कायम रहा. महिला आरक्षण बिल को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच गहरा टकराव देखने को मिला और यह मुद्दा अब भी देश की राजनीति के केंद्र में बना हुआ है.