परिसीमन बिल: CM विजय ने लिया फैसला, महिला आरक्षण बिल पर भिड़े रिजिजू, बादल साथ | बड़ी बातें
Delimitation Bill 2026: महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर सरकार को अकाली दल का साथ मिला है. राहुल गांधी का कहना है कि महिला आरक्षण विधेयक को बेवजह परिसीमन से जोड़ा जा रहा है.

मानसून सत्र 2026 के आखिरी हफ्ते के दौरान संसद में भारी गहमागहमी की संभावना है. इस बात की अटकलें लगाई जा रही है कि सरकार इस दौरान संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन बिल को पेश और पारित करा सकती है. शिरोमणि अकाली दल ने महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर केंद्र सरकार को सपोर्ट करने की बात कही है. वहीं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इस मुद्दे को लेकर आमने-सामने हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी का कहना है कि महिला आरक्षण विधेयक तो 2023 में सर्वसम्मति से पारित हो चुका है और अब इसे परिसीमन से बेवजह जोड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए.
महिला आरक्षण बिल पर भिड़े रिजिजू
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने ने राहुल गांधी की ओर से महिलाओं की ऊर्जा और उनकी अभिव्यक्ति को लेकर जारी किए गए एक वीडियो संदेश को ‘एक्स’ पर रिपोस्ट करते हुए कांग्रेस नेता पर तंज कसा. उन्होंने कहा, ‘यह कांग्रेस पार्टी की ओर से एक सकारात्मक संदेश लगता है. महिलाओं को लेकर राहुल गांधी जी के रुख में स्पष्ट बदलाव दिखाई दे रहा है. अब मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण बिल का बिना शर्त समर्थन करेगी.
इस पर राहुल गांधी ने कहा, 'संसदीय कार्य मंत्री होने के नाते आपसे बेहतर यह कौन जानता होगा. कांग्रेस पूर्ण समर्थन के साथ महिला आरक्षण विधेयक 2023 में ही सर्वसम्मति से पारित हो चुका है. सवाल ये है कि तीन साल बाद भी वह लागू क्यों नहीं हुआ और अब आप उसे परिसीमन से बेवजह क्यों जोड़ना चाहते हैं?’ उन्होंने कहा कि बिना किसी शर्त के 2023 का कानून लागू कीजिए.' दोनों नेताओं के बीच ये बहस ऐसे समय में हुई है जब सरकार महिला आरक्षण और परिसीमन संबंधी संविधान संशोधन बिल पर विपक्ष के साथ सहमति बनाने की कोशिश कर रही है.
अकाली दल सरकार के साथ
दूसरी तरफ अकाली दल के मुखिया सुखबीर सिंह बादल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात के बाद से ही ये बयानबाजी तेज हो गई थी कि उनकी पार्टी सदन में परिसीमन बिल पर सरकार का सपोर्ट कर सकती है. अब उन्होंने भी साफ कर दिया है कि अकाली दल भारत सरकार की ओर से संसद में पेश उस प्रस्ताव का समर्थन करता है, जिसमें सभी राज्यों की सीटों में एक समान 50 फीसदी की बढ़ोतरी की बात कही गई है. उन्होंने कहा कि पार्टी इस बात पर जोर देती है कि महिलाओं के लिए आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों को तुरंत पारित किया जाना चाहिए.
CM विजय की 19 सांसदों के साथ बैठक
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने केंद्र सरकार के प्रस्तावित परिसीमन बिल 2026 पर चर्चा के लिए तमिलनाडु के सांसदों की मीटिंग बुलाई. इसमें राज्य के सभी लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों को न्योता भेजा गया था. तमिलनाडु के कुल 57 सांसद हैं, जिसमें 39 लोकसभा के और 18 राज्यसभा के हैं. इसमें से सिर्फ 19 सांसद ही सीएम विजय की इस बैठक में शामिल हुए. DMK और AIADMK ने इस बैठक का बहिष्कार किया और इस चर्चा को ढोंग और नाटक करार दिया.
लोकसभा की बिजनेस लिस्ट के मुताबिक सोमवार (10 अगस्त 2026) को 4 बिल पेश जाएंगे. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह केरल का नाम बदलने को लेकर बिल पेश करेंगे. इसके अलावा नेशनल कॉपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन अमेंडमेंट बिल भी गृहमंत्री पेश करेंगे. इसके अलावा दो अन्य बिल भी पेश किए जाएंगे.
























