17 अगस्त 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी राष्ट्रीय टीम में बड़ा फेरबदल किया है. पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन ने 65 सदस्यीय नई टीम का ऐलान किया. इसमें सबसे चर्चित नाम अमित मालवीय का गायब होना है. 2015 से BJP के आईटी सेल के प्रमुख मालवीय को इस पद से हटा दिया गया है. मालवीय की जगह छत्तीसगढ़ के दीपक म्हास्के को सोशल मीडिया कन्वीनर बनाया गया है. सवाल यह है कि आखिर अमित मालवीय को क्यों हटाया गया और क्या इसका कोई संबंध Gen Z आंदोलन से है...

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अमित मालवीय कौन हैं?

अमित मालवीय BJP के डिजिटल अभियान के सबसे पुराने और ताकतवर चेहरों में से एक रहे हैं. करीब 11 साल तक उन्होंने पार्टी के IT सेल और सोशल मीडिया विभाग की कमान संभाली. पश्चिम बंगाल में पार्टी के सह-प्रभारी की जिम्मेदारी भी निभाई, जहां BJP ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की. 2026 के चुनावों में भी जब BJP ने 207 सीटों पर जीत हासिल की, तो मालवीय को डिजिटल नैरेटिव को लीड करने का श्रेय दिया गया.

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ऐसे में उनका हटाया जाना बड़ा बदलाव माना जा रहा है.

नए चेहरे कौन हैं?

यूजर ने जिन 'तीन लोगों' की बात की है, वे शायद चार नए सोशल मीडिया को-कन्वीनर हैं, जिन्हें BJP ने नियुक्त किया है:

  • महाराष्ट्र से प्रीति गांधी
  • दिल्ली से शिवानंद द्विवेदी
  • उत्तराखंड से आलोक भट्ट
  • हरियाणा से अरुण यादव

ये चारों नए चेहरे हैं जिन्हें पार्टी की सोशल मीडिया टीम में शामिल किया गया है. अनिल बलूनी मीडिया कन्वीनर के पद पर बने रहेंगे.

मालवीय को क्यों हटाया गया?

पहले जानते हैं बीजेपी का तर्क:

संगठनात्मक फेरबदल का हिस्सा: BJP ने इसे 'बड़े संगठनात्मक पुनर्गठन' का हिस्सा बताया है. पार्टी की डिजिटल और सोशल मीडिया ऑपरेशंस को मजबूत करने के लिए यह बदलाव किया गया है. नितिन नबीन की नई टीम में   अनुभव और ऊर्जा के मिश्रण पर जोर दिया गया है.युवाओं और महिलाओं पर फोकस: नई टीम में युवाओं और महिलाओं को विशेष तवज्जो दी गई है. 13 में से 6 उपाध्यक्ष महिलाएं हैं. वडोदरा सांसद हेमांग जोशी (35 साल) और रितुराज किशोर सिन्हा (46 साल) को नई टीम में शामिल किया गया है.

अब जानते हैं एक्सपर्ट्स के तर्क:

पॉलिटिकल एक्सपर्ट रशीद किदवई का मानना है कि काफी हद तक मालवीय को आंदोलन की वजह से हटाया गया है. हालांकि BJP ने आधिकारिक तौर पर यह नहीं कहा है कि मालवीय को Gen Z आंदोलन की वजह से हटाया गया है, लेकिन कई संकेत इस ओर इशारा करते हैं:

  • BJP ने Gen Z प्रदर्शनों से सबक सीखा है.
  • BJP की डिजिटल रणनीति में बड़ा बदलाव किया जा रहा है. नई टीम का फोकस 'प्रभावी सोशल मीडिया कम्युनिकेशन' पर है.
  • नई टीम में युवा नेताओं को शामिल किया गया है. BJP युवा मोर्चा (BJYM) का प्रमुख भी बदला गया है.
  • BJP ने अपनी सोशल मीडिया टीम को इंस्टाग्राम और Gen Z के बीच लोकप्रिय प्लेटफार्मों पर ज्यादा सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं.
  • दीपक म्हास्के एक केमिस्ट्री प्रोफेसर रहे हैं, जो इलेक्टोरल डेटा और IT में विशेषज्ञ माने जाते हैं. यह नई सोच और नए दृष्टिकोण   की ओर इशारा करता है.

हालांकि, दूसरी तरफ रशीद किदवई यह भी कहते हैं, 'अगर बीजेपी ने Gen Z आंदोलन की वजह से मालवीय पर तीर चलाया है, तो यह बिल्कुल गलत है. बीजेपी के पास अभी कोई मॉडल नहीं है. Gen Z को कैसे संभाले, यह बीजेपी को समझ नहीं आ रहा है. बीजेपी की अंदरूनी राजनीति और Gen Z आंदोलन का गु्स्सा मालवीय को भुगतना पड़ा है. अगर आपकी पार्टी से कोई सामने आकर बयान नहीं दे पाया और Gen Z से बात नहीं कर पाया तो इसमें IT सेल की गलती कहां से हुई.'

रशीद किदवई कहते हैं, 'IT सेल के पास तो खुद कंटेंट नहीं है. वो क्या दिखाए और क्या न दिखाए. सड़कों पर छात्रों के हाथों में सरकार के खिलाफ नारे हैं, देश में आंदोलनों की भरमार है, हर तरफ बेरोजगारी और गरीबी का मुद्दा तूल पकड़ रहा है. ऐसे में यह सब दिखा दिया तो भी मालवीय को बलि का बकरा बनना था और कुछ नहीं दिखाने पर भी बन गए.'

क्या केवल मालवीय को ही हटाया गया?

नहीं, बिल्कुल नहीं. यह बड़ा फेरबदल है, जिसमें कई बड़े चेहरों को हटाया गया है:

  • अरुण सिंह: 2015 से महासचिव थे
  • राधा मोहन दास अग्रवाल: 2023 में महासचिव बने थे
  • दुष्यंत गौतम: दलित नेता, सितंबर 2020 से महासचिव थे

नई टीम में कौन आए?

  • स्मृति ईरानी: राष्ट्रीय महासचिव बनाई गईं
  • राम माधव: राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए
  • पीयूष गोयल: राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष
  • वसुंधरा राजे: 13 उपाध्यक्षों में शामिल
  • बीएल संतोष: राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बने रहेंगे

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमित मालवीय को हटाया जाना सिर्फ एक व्यक्तिगत फैसला नहीं है, बल्कि यह BJP की बड़ी रणनीति का हिस्सा है. पार्टी:

  • युवाओं को साधने की कोशिश कर रही है.
  • सोशल मीडिया की रणनीति बदल रही है.
  • Gen Z आंदोलन से सीख लेकर नए प्लेटफॉर्म और नए चेहरों पर फोकस कर रही है.

हालांकि, मालवीय को आधिकारिक तौर पर Gen Z आंदोलन की वजह से नहीं हटाया गया है, लेकिन टाइमिंग और एक्सपर्ट्स की राय देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि Gen Z आंदोलन का असर इस फैसले पर जरूर पड़ा है.