Bihar politics: बिहार में महागठबंधन की सरकार बने एक साल भी पूरा नहीं हुआ है लेकिन ऐसा लग रहा है कि नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. एक कार्यक्रम में डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति और सीएम नीतीश कुमार की उपस्थिति से सवाल उठ रहे हैं. 

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि जदयु-राजद का गठबंधन 2025 में होने वाले विधानसभा चुनाव में एक सर्वमान्य चेहरे पर सहमत नहीं हो पाया है. पटना के सियासी गलियारों से उठी खबर यह कहती है कि राजद चाहती है कि नीतीश कुमार, 2025 में बिहार के सीएम के लिए तेजस्वी यादव को चेहरे के तौर पर स्वीकार कर लें लेकिन नीतीश और जदयू अभी अपने पत्ते खोलना नहीं चाह रहे हैं.

'किसान समागम में देर से पहुंचे तेजस्वी यादव'सोमवार को पटना में चतुर्थ कृषि रोड मैप को लेकर आयोजित कार्यक्रम में दोनों नेताओं को 11 बजे पहुंचना था लेकिन तेजस्वी यादव अनुपस्थित रहे और वह दोपहर 1 बजे पहुंचे. कहा जा रहा है कि तेजस्वी ने अपने इस कदम के जरिए नीतीश को जरूरी संकेत दे दिए हैं.

इसी कार्यक्रम में सीएम नीतीश एक किसान पर अंग्रेजी शब्दों के इस्तेमाल पर गुस्सा हो गए और उन्होंने उसे मंच पर ही डांट दिया. जब किसान मंच से अपने सुझाव पेश कर रहे थे तो मुख्यमंत्री ने उन्हें टोकते हुए कहा, क्या हुआ..आप अपने संबोधन में अंग्रेजी के शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं. क्या आप इंग्लैंड में रह रहे हैं? यह इंग्लैंड नहीं, बिहार है, आपको अपने राज्य की भाषा में बात करनी चाहिए, किसान आम लोग हैं जो अंग्रेजी नहीं जानते हैं. इसलिए, आप अंग्रेजी में जिन शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह सही नहीं हैं.

ललन सिंह का बयान हो सकता है नाराजगी की वजह?दोनों नेताओं में नाराजगी का कारण ललन सिंह का मीडिया में दिया गया हालिया बयान बताया जा रहा है .  ललन सिंह ने हाल ही में पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि 2025 तक नीतीश ही बिहार के सीएम रहेंगे और उसके बाद जदयू की तरफ से महागठबंधन का चेहरा कौन होगा इस पर अभी तक फैसला नहीं लिया गया है.

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