नई दिल्ली: कांग्रेस की कमान अपने बेटे राहुल गांधी को सौंपने के बाद से राजनीति से दूरी बनाती दिख रही सोनिया गांधी आज फिर अपने पुराने तेवर में नजर आयीं. इंडिया टुडे के कॉन्क्लेव में सोनिया गांधी ने ना सिर्फ मोदी सरकार पर तीखे हमले किया बल्कि ये दावा भी कर दिया है कि 2019 में वो मोदी की सरकार नहीं बनने देंगी.

2019 में वापसी करेगी कांग्रेस, बीजेपी को जीतने का कोई मौका नहीं देंगे- सोनिया गांधी

क्या कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद राहुल गांधी उनसे सलाह लेते हैं ? इस सवाल के जवाब में सोनिया गांधी ने कहा, ''वो जानते हैं कि उनकी जिम्मेदारी क्या हैं? और मैं उनके साथ किसी भी सलाह के लिए हूं. मुझे पता है कि ये आसान काम नहीं है लेकिन वो इसे कर लेंगे."

क्या राहुल गांधी उनकी सुनते हैं? सोनिया गांधी ने कहा, ''अभिभावक के तौर पर हम बच्चों को कंट्रोल करने की कोशिश करते हैं लेकिन यह गलत है. जब जरूरत होती है तब मैं उन्हें सलाह देती हूं."

'राहुल गांधी का काम करने का अपना तरीका है' राहुल गांधी की कार्यप्रणाली को लेकर सोनिया गांधी ने कहा, ''हर व्यक्ति का अपना काम करने का तरीका होता है. उनका अपना तरीका है और मेरा अपना तरीका था. आखिरकार कांग्रेस की कुछ नीतियां हैं जिन्हें हम सभी फॉलो करते हैं.''

दिल्ली के ग्रीन पार्क में हिन्दी की क्लास ली अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा, ''मैं जब पहली बार अपनी सास से मिली तो उन्होंने मुझसे फ्रेंच में बात की. उन दिनों मैं कैंब्रिज पहुंची ही थी इसलिए मुझे सही तरकी से अंग्रेजी भी नहीं आती थी. मेरी सास मुझे घर पर हिंदी में बात करने को कहतीं थीं, मैंने ग्रीन पार्क में एक बहुत छोटे से हिंदी इंस्टीट्यूट में क्लास भी लीं. उस क्लास ने हिंदी में सार्वजनिक भाषण देने में बहुत मदद की. अब मैं बहुत अच्छी हिंसी बोलती हूं.''

इसलिए राजीव गांधी को राजनीति में नहीं आने देना चाहती थीं सोनिया गांधी राजीव गांधी को राजनीति में आने से रोकने के सवाल पर उन्होंने कहा, ''राजीव जी को राजनीति में आने रोकने के पीछे मेरे अपने कारण थे. जब आप राजनीति में में बेहद ईमानदार होते हैं तो फिर बाकी सारी चीजें बाद में आती हैं. उस वक्त हमारे बच्चे बहुत छोटे थे और हम एक बहुत सुशी परिवार थे. मुझे लगा कि अगर वो राजनीति में जाएंगे तो ये सब खत्म हो जाएगा. लेकिन जब मेरी सास की हत्या कर दी गई उस वक्त तो मैं बिल्कुल नहीं चाहती थी कि वो उस जगह पर जाएं. आप इसे स्वार्थी होना भी कह सकते हैं. मुझे उस वक्त लगा था कि वो लोग उन्हें भी मार देंगे. ऐसा हुआ भी. इसे पूर्वाभास तो नहीं कह सकते लेकिन मुझे पता था कि हमारे आस पास क्या हो रहा है.''

ये हैं सोनिया गांधी के भविष्य के प्लान कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने के सवाल उन्होंने कहा, ''मैं अब बहुत राहत महसूस कर रही हूं, मेरे कंधे से बहुत भारी बोझ उतर गया. मुझे अब वो काम करने का मौका मिलेगा जो पहले नहीं पाई जैसे किताबें पढ़ना, फिल्म देखना. मेरे पति और सास से जुड़े दस्तावेजों को व्यवस्थित करने और उन्हें डिजिटाइज़ करने का काम करूंगी. इनमें कुछ मेरी सास के पत्र हैं जो उन्होंने अपने बेटे को स्कूल के दिनों में लिखे थे.''

सोनिया गांदी ने कहा, ''13 मार्च को विपक्षी पार्टियों को डिनर पर बुलाने के सवाल उन्होंने कहा, ''मैं अभी यूपीए की चेयरपर्सन हूं, हम लगातार मीटिंग करने की कोशिश करते हैं. हम साथ पहले भी काम कर चुके हैं और भी साथ काम कर सकते हैं. विशेष रूप से राज्यसभा में समन्वय को लेकर.''