मनसुख हिरेन हत्या की जांच कर रही एनआईए हर उस पहलू को बारीकी से देख रही है जो इस मामले की जांच के लिए बेहद जरूरी है. इसी सिलसिले में एनआईए की एक टीम ने 3 और 4 अप्रैल की रात को सचिन वाझे को लेकर कई ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन किया.


एनआईए के सूत्रों ने बताया कि 3 अप्रैल की देर रात 10 बजे के करीब वे लोग सचिन वाझे को लेकर अंधेरी इलाके में गए थे जहां पर सुबह 4 बजे तक अंधेरी और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन किया गया. एनआईए को जांच के दौरान पता चला कि मनसुख की हत्या से कुछ दिन पहले वाझे की किसी शख्स के साथ अंधेरी इलाके में मीटिंग हुई थी.


आखिर वाझे का क्या है अंधेरी कनेक्शन?


1. एनआईए के सूत्रों की मानें तो सचिन वाझे और विनायक शिंदे दोनों ही एक ऑडी कार में बांद्रा वर्ली सिलिंक के टोल पर लगे सीसीटीवी में दिखाई दिए थे उस समय बताया गया कि दोनों लोग मुम्बई के वेस्टर्न सबर्ब इलाके में किसी से मिलने गए थे ताकि मनसुख की हत्या की फुलप्रूफ तैयारी की जा सके.


2. जांच एजेंसियों को जांच के दौरान यह भी पता चला है कि जिस फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल कर मनसुख को आखिरी फोन कॉल कर उसे तावड़े नाम से घर से बाहर बुलाया गया था वह सिम कार्ड अंधेरी के जेबी नगर इलाके में जाकर बंद हुआ था.


एनआईए के सामने ऐसे दो महत्वपूर्ण थ्योरी है जो कि मनसुख हत्या मामले की जांच के लिए काफी अहम और इन्ही के जवाब ढूंढने के लिए एनआईए सचिन वाझे को लेकर उन तमाम जगहों पर गयी थी ताकि जांच कुछ और आगे बढ़ सके.


बहरहाल इस मामले में अब तक कोई और गिरफ्तारी नही हुई है एनआईए के सूत्रों ने बताया कि जल्द की कई और लोगों को समन कर पूछताछ के लिए एनआईए के दफ्तर बुलाया जा सकता है, जिस में उस शख्स का भी नाम है जो अंधेरी इलाके में रहता है और मनसुख की हत्या से पहले वाझे के साथ उसकी मीटिंग हुई थी.


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