मुंबई में भारतीय रेलवे की पश्चिम रेलवे ने बिना टिकट और अनियमित यात्रा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. यहां अप्रैल से दिसंबर 2025 के दौरान टिकट जांच अभियानों के जरिए ₹155 करोड़ से अधिक का जुर्माना वसूला गया है. यह आंकड़ा पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब 49 प्रतिशत अधिक है.
मुंबई उपनगरीय से कितनी वसूली हुई है?
पश्चिम रेलवे के मुताबिक, 'यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुंबई उपनगरीय, मेल–एक्सप्रेस, पैसेंजर और हॉलिडे स्पेशल ट्रेनों में लगातार सघन टिकट चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं. वरिष्ठ वाणिज्य अधिकारियों की निगरानी में हाई मोटिवेटेड टिकट चेकिंग टीमों ने इस अवधि में कई विशेष अभियान संचालित किए, जिसके परिणामस्वरूप कुल ₹155.46 करोड़ की वसूली की गई. इसमें से अकेले मुंबई उपनगरीय खंड से ₹41.26 करोड़ की वसूली शामिल है.
जनसंपर्क अधिकारी ने क्या जानकारी दी?
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने बताया कि दिसंबर 2025 में ही बिना टिकट या अनियमित यात्रा करने वाले यात्रियों के 2.51 लाख मामलों की पहचान की गई. इनसे ₹15.54 करोड़ का जुर्माना वसूला गया. यह पिछले साल के दिसंबर महीने की तुलना में लगभग 42 प्रतिशत अधिक है. वहीं, दिसंबर 2025 के दौरान अन्य अभियानों में 92 हजार मामलों से ₹3.95 करोड़ का जुर्माना भी प्राप्त किया गया.
औचक टिकट चेकिंग अभियान चलाया गया
एसी लोकल ट्रेनों में अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगाने के लिए भी नियमित रूप से औचक टिकट जांच अभियान चलाए गए. अप्रैल से दिसंबर 2025 के दौरान एसी लोकल ट्रेनों में करीब 91 हजार अनधिकृत यात्रियों की पहचान की गई, जिनसे ₹2.97 करोड़ का जुर्माना वसूला गया. यह आंकड़ा पिछले समान की समान अवधि की तुलना में लगभग 97 प्रतिशत अधिक है.
पश्चिम रेलवे का कहना है कि ये परिणाम बिना टिकट यात्रा पर प्रभावी नियंत्रण, यात्रियों के अनुभव में सुधार और सार्वजनिक राजस्व की सुरक्षा के प्रति रेलवे की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं. पश्चिम रेलवे ने आम जनता से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान हमेशा उचित और वैध टिकट के साथ ही सफर करें.