शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को घोषणा की कि पश्चिम बंगाल सरकार ने पुलिस कल्याण बोर्ड को भंग कर दिया है. दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर में प्रशासनिक समीक्षा बैठक के बाद उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों पर हमला किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और राज्य में कानून-व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाएगा.

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'अब कानून का शासन है'- अधिकारीशुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पहले राज्य में 'शासकों का कानून' चलता था, लेकिन अब 'कानून का शासन' लागू है. उन्होंने कहा कि पुलिस कल्याण बोर्ड का गठन अच्छे उद्देश्य से किया गया था, लेकिन समय के साथ यह एक राजनीतिक संगठन का रूप ले चुका था.

उन्होंने आरोप लगाया कि बोर्ड का इस्तेमाल अवैध तरीके से नौकरी की अवधि बढ़ाने और कुछ लोगों को व्यक्तिगत लाभ पहुंचाने के लिए किया जा रहा था. इसी वजह से सरकार ने इसे भंग करने का फैसला लिया.

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महिला पुलिसकर्मियों को गृह जिले में पोस्टिंगमुख्यमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि महिला पुलिसकर्मियों को उनके गृह जिलों में ही तैनाती देने को प्राथमिकता दी जाएगी. उन्होंने कहा कि इससे महिला कर्मियों को नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच बेहतर संतुलन बनाने में मदद मिलेगी.

सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देशबैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस को बांग्लादेश सीमा से लगे नदी क्षेत्रों में घुसपैठ को लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए. उन्होंने संवेदनशील इलाकों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को कहा. शुभेंदु अधिकारी ने ऑटो-रिक्शा और टोटो (ई-रिक्शा) चालकों से अवैध वसूली पर भी सख्त नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि इस तरह की वसूली तुरंत बंद होनी चाहिए. उन्होंने लोगों से शिकायत दर्ज कराने की अपील करते हुए कहा कि पुलिस हर शिकायत की जांच करेगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. डायमंड हार्बर में हुई इस बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों की प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था की समीक्षा की गई. बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी डिजिटल माध्यम से भी शामिल हुए.