पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस पार्टी में टूट पर आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने तंज कसा है. इस दौरान उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर जमकर निशाना साधा. हुमायूं कबीर ने कहा, 'अभिषेक बनर्जी ने कुछ विधायकों को नहीं बुलाया और गलत तरीके से शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता चुन लिया. यह सही तरीका नहीं है.'

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खेल तो अब शुरू होगा: हुमायूं कबीर 

हुमायूं कबीर ने 2021 में ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, 'ममता बनर्जी 2021 का चुनाव हार गई थीं. विधायकों ने उनके लिए 213 सीटें जीती थीं ताकि वह सीएम बन सकें, लेकिन चुनाव न जीतने के बावजूद, उन्हें नेता चुना गया और वह सीएम बन गईं.' जाली दस्तावेज को लेकर उन्होंने टीएमसी पर तंज कसा और कहा कि अभी तो खेल शुरू हुआ है.

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उन्होंने कहा, 'अगर कोई जाली दस्तखतों वाला कोई खत भेजता है तो BJP उसे स्वीकार नहीं करेगी. अब सीएम शुभेंदु अधिकारी हैं. वह उनके साथ पिछले 4 सालों में जो कुछ भी हुआ, उसके खिलाफ कदम उठा रहे हैं. उन्होंने TMC को तोड़ दिया है. अब, 60 विधायक और ऋतब्रत बनर्जी पार्टी को चुनौती दे रहे हैं. खेल तो अब शुरू होगा और TMC की क्या स्थिति है ये अगले दिन पता चल जाएगा.'

लोकसभा सासंद भी छोड़ेंगे टीएमसी का साथ: हुमायूं

हुमायूं कबीर ने कहा, 'मैंने 6 महीने पहले कहा था कि TMC बंगाल में चुनाव हारेगी, सत्ता खो देगी और पार्टी टूट भी जाएगी. आज ठीक यही हो रहा है. 60 से ज्यादा विधायक उनके खिलाफ बगावत कर रहे हैं और एक नई TMC की मांग कर रहे हैं. मेरे पास जानकारी है कि कुल 41 सांसदों में से, लगभग 20 TMC सांसद भी ममता बनर्जी का साथ छोड़ने, अभिषेक बनर्जी को चुनौती देने और लोकसभा स्पीकर पर दबाव डालने की योजना बना रहे हैं.'

TMC का मतलब ममता बनर्जी: कुणाल घोष

टीएमसी में चल रही राजनीतिक हलचल पर पार्टी नेता कुणाल घोष ने कहा, 'TMC का मतलब ममता बनर्जी और ममता बनर्जी का मतलब ही TMC है. सभी कार्यकर्ता दीदी के साथ खड़े हैं. कुछ लोगों ने TMC के चुनाव चिह्न पर और दीदी की तस्वीर का इस्तेमाल करके चुनाव जीता, लेकिन अब वे दूसरे खेमे के जाल में फंस रहे हैं. ये लोग निर्दलीय नहीं हैं, ये TMC के ही हैं. वे कहते हैं कि वे ममता दीदी का सम्मान करते हैं, लेकिन अगर वे ऐसा करते हैं तो वे शोभनदेव चट्टोपाध्याय को स्वीकार क्यों नहीं कर पाते?'

ऋतब्रता बनर्जी के गुट को स्पीकर ने दी मान्यता

तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित नेता ऋतब्रता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष ने विधायक दल के रूप में मान्यता देने संबंधी तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट की मांग को स्वीकार कर लिया है. उन्होंने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी से इसके मुख्य सलाहकार के रूप में कार्य करने का अनुरोध किया है. यह घटनाक्रम, 58 बागी विधायकों द्वारा तृणमूल से निष्कासित नेता ऋतब्रता बनर्जी को विधायक दल के नेता के रूप में समर्थन देने और विधानसभा अध्यक्ष रतींद्र बोस को अपने इस निर्णय से अवगत कराये जाने के बाद हुआ है.

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