TMC में फूट की खबरों के बीच ममता को राहत, पार्टी सांसद ने 20 बागी सांसदों के दावे पर उठाया सवाल
Mamata Banerjee: TMC सांसद प्रतिमा मंडल ने कहा कि हम कोई मीटिंग में कहीं नहीं गए. उनलोगों ने दिल्ली में मुझे बैठक में बुलाया था, लेकिन हम नहीं गए. हमने कहा कि आपलोग कोलकाता में हीं आकर मुलाकात कीजिए.

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों 2026 के नतीजों में मिली हार के बाद से ही पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर बवाल मचा हुआ है. राज्य से लेकर केंद्र तक की पार्टी की राजनीति में विरोध और विद्रोह के सुर सुनाई दे रहे हैं. पार्टी के 50 से ज्यादा विधायकों के बाद अब सांसदों ने भी ममता बनर्जी का साथ छोड़ना शुरू कर दिया है. वहीं, टीएमसी की बागी सांसदों में से एक और ममता बनर्जी की बेहद करीबी कही जाने वाली काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया कि पार्टी के 20 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को चिट्ठी लिखकर सत्ताधारी गठबंधन NDA को समर्थन देने की बात कही है.
हालांकि, तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी के लिए ऐसे संकट की घड़ी में एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है. दरअसल, TMC के 20 बागी सांसदों की लिस्ट में शामिल लोकसभा सांसद प्रतिमा मंडल ने बागी सांसदों के लिस्ट को लेकर बड़ा सवाल उठाते हुए बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि यह खबर पूरी तरह से झूठी है. मैं यहीं कोलकाता में हीं हूं.
बागी सांसदों की लिस्ट में नाम होने पर बोलीं प्रतिमा मंडल
न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में पश्चिम बंगाल के जयनगर से TMC सांसद प्रतिमा मंडल ने गुरुवार (11 जून, 2026) को बागी गुट के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने टीएमसी के 20 बागी सांसदों की कथित लिस्ट में अपना नाम शामिल होने की चर्चा पर कहा कि यह खबर पूरी तरह से झूठी है. मेरे बारे में सब कुछ झूठ फैलाया जा रहा है. मैं यहीं कोलकाता में हूं. हम कहीं नहीं जा रहे हैं, हम साल 2029 तक यहीं रहेंगे.
उन्होंने कहा कि हम दिल्ली में कोई मीटिंग में कहीं नहीं गए हैं. उनलोगों ने दिल्ली में मुझे बैठक में बुलाया था, लेकिन हम नहीं गए. हमने कहा कि आपलोग कोलकाता में हीं आकर मुलाकात कीजिए.
#WATCH | Kolkata, West Bengal | On her name reportedly included in the list of 20 rebel TMC MPs, party MP Pratima Mondal says, "This news is completely false... I am right here in Kolkata. I had an 'Estimates Committee' meeting scheduled for the 4th June at 11 AM. I caught the… pic.twitter.com/vpauWRUkpZ
— ANI (@ANI) June 11, 2026
उन्होंने आगे कहा, ‘पिछले हफ्ते गुरुवार (4 जून, 2026) को सुबह 11 बजे मेरी एस्टिमेट्स कमेटी की बैठक निर्धारित थी. मैं शाम 4:20 बजे की फ्लाइट से कोलकाता लौट आई थी और उस दिन के बाद से मैं दिल्ली गई ही नहीं हूं. जो लोग ये झूठी खबर फैला रहे हैं, उनसे मैं पूछना चाहती हूं कि अगर आपको सभी ने समर्थन दिया है तो आप सभी के हस्ताक्षरों वाले उस दस्तावेज को सार्वजनिक क्यों नहीं कर देते हैं? वो दस्तावेज क्यों नहीं दिखाते, ताकि लोग भी देश सकें कि उस लिस्ट में मेरा नाम है या नहीं.’
अभिषेक बनर्जी की चार्टर्ड प्लेन से यात्रा पर बोलीं TMC सांसद
#WATCH | Kolkata, West Bengal | On West Bengal LoP and expelled TMC leader Ritabrata Banerjee's jibe at Abhishek Banerjee for taking chartered flight, TMC MP Pratima Mondal says, "It's true. That's how he travels. I won't lie... People have not accepted this, that's why TMC is in… pic.twitter.com/VEiaa9kyH7
— ANI (@ANI) June 11, 2026
वहीं, बंगाल विधानसभा में नेता विपक्ष और टीएमसी से निष्कासित नेता ऋतब्रत बनर्जी की ओर से अभिषेक बनर्जी के चार्टर्ड प्लेन से यात्रा करने पर की गई टिप्पणी के बाद में टीएमसी सांसद प्रतिमा मंडल ने कहा, ‘यह सच है. वह इसी तरह से यात्रा करते हैं. मैं झूठ नहीं बोलूंगी. लोगों ने इस बात को स्वीकार नहीं किया है और यही कारण है कि आज टीएमसी की यह स्थिति है, जहां हम सरकार बनाने के काबिल नहीं हो पाए हैं.’
क्या ममता बनर्जी ने टीएमसी नेताओं की उपेक्षा की?
#WATCH | Kolkata, West Bengal | On rebel TMC leaders claiming that they were undermined by party chief Mamata Banerjee, party MP Pratima Mondal says, "... There were definitely mistakes. That is why the people did not bless the TMC, and we did not come to power... We were not… https://t.co/YuM5nbV5O5 pic.twitter.com/rGlOJNpIS5
— ANI (@ANI) June 11, 2026
जबकि राजधानी कोलकाता में ANI को दिए इंटरव्यू में टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी की तरफ से उपेक्षित किए जाने का दावा करने वाले बागी पार्टी नेताओं के बारे में मंडल ने कहा, ‘निश्चित रूप से कुछ गलतियां हुई थीं. इसी कारण जनता ने टीएमसी को आशीर्वाद नहीं दिया और हम सत्ता में नहीं आ सके. इस बार हम जनता के मन की बात को समझ नहीं पाए. हमें घर-घर जाकर विनम्रता के साथ लोगों से वोट मांगना चाहिए था. मुझे भी लगा कि इस बार का चुनाव प्रचार अच्छा नहीं था. मेरा मानना है कि लोगों ने हमारी तरफ से कॉरपोरेट मशीनरी, आई-पैक (I-PAC), को शामिल किए जाने को पसंद नहीं किया गया.’
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