पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हालिया कार्रवाई ने राजनीति, पुलिस और कथित अपराध गठजोड़ को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. इस पूरे मामले के केंद्र में हैं कोलकाता पुलिस के पूर्व डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास और TMC से करीबी रखने वाले कथित ‘गोल्डन बॉय’ बिस्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू. ED का आरोप है कि दोनों जमीन कब्जाने, वसूली, अवैध निर्माण और हवाला नेटवर्क से जुड़े एक बड़े सिंडिकेट का हिस्सा थे.

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बंगाल में ED की बड़ी कार्रवाईशुक्रवार सुबह ED ने कोलकाता और मुर्शिदाबाद में नौ ठिकानों पर छापेमारी की. इनमें शांतनु बिस्वास और सोना पप्पू से जुड़े कई ठिकाने शामिल थे. मुर्शिदाबाद के कांदी में बिस्वास के आलीशान पुश्तैनी घर पर जब टीम पहुंची तो गेट बंद मिला. इसके बाद अधिकारियों ने ताला तोड़कर घर में प्रवेश किया. स्थानीय लोग पूरे घटनाक्रम को चुपचाप देखते रहे. यह तस्वीर उस समय से बिल्कुल अलग थी, जब संदेशखाली में ED की टीम पर कथित तौर पर TMC समर्थकों ने हमला किया था.

कौन है सोना पप्पू?सोना पप्पू, जिसका असली नाम बिस्वजीत पोद्दार है, लंबे समय से बंगाल की राजनीति और अपराध जगत में चर्चित नाम रहा है. उस पर हत्या की कोशिश, वसूली और आर्म्स एक्ट समेत 15 मामले दर्ज हैं. सोशल मीडिया पर उसकी कई तस्वीरें TMC नेताओं के साथ भी सामने आ चुकी हैं.

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BJP पहले भी आरोप लगा चुकी है कि सोना पप्पू को राजनीतिक संरक्षण हासिल था और वह TMC सांसद अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता था. हालांकि इन आरोपों पर TMC की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

कैसे ED के रडार पर आया पूर्व DCP?शांतनु बिस्वास को 15 मई को गिरफ्तार किया गया था. ED के चार समन नजरअंदाज करने के बाद उनसे 11 घंटे तक पूछताछ हुई और फिर उन्हें हिरासत में लिया गया. चुनाव नतीजों के अगले ही दिन उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया गया था. ED के मुताबिक, बिस्वास और सोना पप्पू मिलकर एक सिंडिकेट चला रहे थे. बिस्वास की अलग से रेत तस्करी मामले में भी जांच हो रही है.

व्हाट्सऐप चैट से खुला कनेक्शनजांच के दौरान सन एंटरप्राइज के MD जॉय कामदार की गिरफ्तारी के बाद कई डिजिटल सबूत मिले. ED का दावा है कि व्हाट्सऐप चैट और डिजिटल डेटा से शांतनु बिस्वास और सोना पप्पू नेटवर्क के बीच संदिग्ध वित्तीय लेनदेन सामने आए. इनमें 2.5 करोड़ रुपये का एक ट्रांजैक्शन भी शामिल बताया गया है.

ममता बनर्जी के इलाके की सुरक्षा संभाल चुका था अफसरशांतनु बिस्वास की गिरफ्तारी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह कभी कोलकाता के हाई-सिक्योरिटी कालीघाट इलाके के DCP रह चुके हैं, जहां ममता बनर्जी का घर है. ED ने अदालत में दावा किया कि सोना पप्पू लोगों को डराकर उनकी महंगी संपत्तियां बेहद कम कीमत में खरीदने के लिए मजबूर करता था. जांच एजेंसी के मुताबिक, 5 करोड़ रुपये की एक प्रॉपर्टी सिर्फ 1 करोड़ रुपये में बिकवाई गई.

हवाला और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांचED की जांच में अवैध अंतरराष्ट्रीय हवाला लेनदेन के संकेत भी मिले हैं. एजेंसी का मानना है कि यह मामला सिर्फ बंगाल तक सीमित नहीं है और इसके तार राज्य के बाहर तक जुड़े हो सकते हैं.