West Bengal News: पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान के कुल्टी इलाके में कोयला चोरी के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया. खुली खदान में अचानक भूस्खलन हो गया, जिससे तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग जुट गए. वहीं, इस हादसे के बीच ईडी ने आईपैक प्रमुख प्रतीक जैन के घर और कार्यालय पर की गई छापेमारी से राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है.
कैसे हुआ हादसा?
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, कुल्टी के बड़िरा क्षेत्र में स्थित खुली खदान से रात के अंधेरे में अवैध रूप से कोयला निकाला जा रहा था. इसी दौरान खदान का एक बड़ा हिस्सा धंस गया और कोयला निकाल रहे कई लोग अंदर दब गए.
बीसीसीएल अधिकारियों और कुल्टी थाने की पुलिस को जैसे ही घटना की सूचना मिली, वे तुरंत मौके पर पहुंचे. बीसीसीएल की ओर से जेसीबी मशीन लगाकर बचाव कार्य शुरू किया गया. अधिकारी इस बात की भी आशंका जता रहे हैं कि और लोग भी खदान में फंसे हो सकते हैं.
स्थानीय लोगों के दावे क्या?
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस इलाके में लंबे समय से अवैध कोयला तस्करी की गतिविधियां चल रही हैं. रात के समय खदानों से चोरी किया गया कोयला बाइक, साइकिल और बैलगाड़ियों के जरिए बाहर भेजा जाता है.
ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं. पिछले साल अंडाल के श्यामसुंदर कोलियरी में अचानक पानी घुस जाने से एक मजदूर की मौत हो गई थी और चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे. स्थानीय लोग का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही और अवैध गतिविधियों को रोकने में असफलता ऐसी दुर्घटनाओं की बड़ी वजह है.
ईडी छापेमारी के बीच बढ़ी हलचल
इस हादसे के साथ ही, आईपैक के प्रमुख प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर ईडी की छापेमारी ने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है. ईडी का आरोप है कि हवाला और कोयला तस्करी के पैसों का आईपैक से संबंध हो सकता है. ऐसे में कोयला चोरी की इस मौत की घटना पर भी राजनीतिक बयानबाज़ी शुरू हो गई है.
खदान दुर्घटना के बाद स्थानीय लोग बेहद डरे हुए हैं. पुलिस और बीसीसीएल की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि खदान में अभी कितने लोग फंसे हो सकते हैं. शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है.