पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद मंत्रियों के बीच पोर्टफोलियो के बंटवारे की खबर सामने आई है. दिलीप घोष को ग्रामीण विकास, पंचायत और पशुधन विभाग दिया गया है, जबकि अग्निमित्रा पॉल को महिला एवं बाल कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. अशोक कीर्तनिया को खाद्य विभाग और खुदीराम टुडू को पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग दिया गया है. इसके साथ ही निसिथ प्रमाणिक को उत्तर बंगाल विकास, खेल और युवा कल्याण विभाग सौंपा गया है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने गृह विभाग अपने पास रखा है.

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पहली कैबिनेट बैठक में लिए गए ये निर्णय

इसके पहले हुई पहली कैबिनेट बैठक में सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग के लिए Border Security Force (BSF) को 45 दिनों के भीतर जमीन देने का फैसला किया था. साथ ही केंद्र सरकार की Ayushman Bharat योजना को राज्य में तत्काल प्रभाव से लागू करने का ऐलान किया गया.

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कैबिनेट ने यह भी तय किया कि अब राज्य में सभी नए मामले भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज किए जाएंगे. इसके अलावा पिछली सरकार की सभी लाभार्थी योजनाओं को जारी रखने और सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम आयु सीमा पांच साल बढ़ाने का भी फैसला लिया गया. नई सरकार के पहले ही दिन लिए गए इन फैसलों को भाजपा के तेज और आक्रामक प्रशासनिक एजेंडे के तौर पर देखा जा रहा है.

एसएफ को भूमि हस्तांतरण की मंजूरी दी

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने मंत्रिमंडल की पहली बैठक के बाद कहा, ‘‘बंगाल के सीमावर्ती जिलों में लगातार बदलती जनसांख्यिकी की पृष्ठभूमि में हमारे मंत्रिमंडल ने बांग्लादेश के साथ सीमा पर बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को आवश्यक जमीन हस्तांतरित करने की मंजूरी दे दी. मुख्य सचिव और राज्य के भूमि राजस्व विभाग के सचिव से प्रक्रिया 45 दिन के अंदर पूरी करने को कहा गया है.’ उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस सरकार ने जनगणना संबंधी 16 जून 2025 के परिपत्र की अनदेखी की जिसे केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत भारत के महापंजीयक कार्यालय ने पश्चिम बंगाल सरकार को भेजा था.