पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजे आ चुके हैं. राज्य में पहली बार बीजेपी को प्रचंड बहुमत हासिल हुआ है. भाजपा ने रिकॉर्ड 206 सीटों पर जीत दर्ज की, वहीं टीएमसी 81 सीटों पर सिमट गई. बीजेपी उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को फिर पटखनी दी है, लेकिन इस बार मैदान भवानीपुर का रहा. यह सीट ममता बनर्जी का गढ़ मानी जाती थी. अधिकारी नंदीग्राम सीट से भी चुनाव जीतने में कामयाब रहे.
एक सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे शुभेंदु
अधिकारी केवल एक सीट से ही चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उनको दो सीटों पर लड़ाने का फॉर्मूला दिया था. 2 अप्रैल को भवानीपुर में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए शाह ने कहा था, ' हमारे शुभेंदु दा नंदीग्राम से लड़ना चाहते थे, मैंने उनसे कहा था कि केवल नंदीग्राम से नहीं, ममता बनर्जी के घर में जाकर हराना है.'
काउंटिंग के दौरान भी शाह संपर्क में रहे
शुभेंदु ने भवानीपुर में मिली जीत के बाद बताया कि काउंटिंग के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उनके साथ संपर्क बनाए हुए थे. इस सीट पर ममता-शुभेंदु के बीच कांटे की टक्कर देखनेको मिली. शुरुआती दौर में अधिकारी ने बढ़त बनाई, लेकिन कुछ राउंड की मतगणना के बाद यहां बनर्जी आगे निकल गईं. एक समय ममता बनर्जी ने 17 हजार वोटों की लीड ले ली, लेकिन आगे की काउंटिंग बढ़ते ही यह अंतर कम हो गया.
शुभेंदु ने ममता बनर्जी को कितने वोटों से हराया?
भवानीपुर सीट से अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों के अंतर से चुनाव हरा दिया. अधिकारी को 20वें राउंड की काउंटिंग के बाद 73,917 वोट मिले. जबकि सीएम ममता बनर्जी को 58,812 वोट मिले. यह दूसरी बार है, जब उन्हें सुवेंदु अधिकारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा. चुनावी नतीजों के साथ ही एक बार फिर यह सीट प्रदेश की राजनीति के केंद्र में आ गई. सीएम ममता बनर्जी इसी सीट से विधायक रही हैं. साथ ही, यह सीट लंबे समय से टीएमसी का गढ़ मानी जाती रही है. लगातार दो चुनावों में टीएमसी सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सुवेंदु अधिकारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा है.
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ममता की हार क्यों बड़ी?
ममता बनर्जी के लिए सुवेंदु अधिकारी के हाथों मिली हार इस कारण भी बड़ी थी कि एक समय अधिकारी ममता बनर्जी के खास सहयोगियों में शामिल थे. फिर, चाहे नंदीग्राम आंदोलन हो या सिंगूर में आंदोलन के जरिए ममता बनर्जी का सियासी उभार, लेकिन समय गुजरा और ममता बनर्जी से सुवेंदु अधिकारी ने रास्ते अलग कर लिए और बीजेपी में शामिल हो गए.
