पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनावी हार के बाद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि चुनाव के दौरान उनके साथ बदसलूकी की गई, उन्हें धक्का देकर बाहर निकाला गया और यहां तक कि पीठ और पेट पर लात मारी गई. ममता ने पूरे घटनाक्रम को 'बेहद गंदा खेल' बताते हुए कहा कि उनके राजनीतिक जीवन में उन्होंने ऐसा कभी नहीं देखा.

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'महिला होने के बावजूद की गई बदसलूकी'- ममताममता बनर्जी ने कहा कि एक महिला होने के बावजूद उनके साथ बेहद अपमानजनक व्यवहार किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें काउंटिंग सेंटर में धक्का देकर बाहर निकाला गया और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया.

'काउंटिंग सेंटर में घुसकर किया गया खेल'- ममता का आरोपउन्होंने आरोप लगाया कि शुरुआती रुझानों के बाद बीजेपी के लोग काउंटिंग सेंटर में घुस गए और वहां हाथापाई की. ममता के अनुसार, 17C फॉर्म्स पर कब्जा कर लिया गया और पूरे डेटा को मैनेज किया गया.

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सीआरपीएफ और प्रशासन पर भी सवालममता ने CRPF के जवानों पर भी आरोप लगाए कि उन्होंने उन्हें रोका और शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की. उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी रणधीर पर भी दुर्व्यवहार का आरोप लगाया.

बीजेपी पर कार्यकर्ताओं को डराने का आरोपममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी उनके पार्टी कार्यकर्ताओं को धमका रही है और उन्हें अपनी पार्टी में शामिल होने के लिए मजबूर कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे बंगाल में उनके समर्थकों को टॉर्चर किया जा रहा है, यहां तक कि एससी-एसटी समुदाय को भी नहीं छोड़ा जा रहा.

देशभर के नेताओं का समर्थन, लड़ाई जारी- ममताममता ने कहा कि सोनिया गांधी, हेमंत सोरेन और अखिलेश यादव समेत कई नेताओं ने उन्हें समर्थन दिया है. उन्होंने साफ किया कि वह 'टाइगर की तरह' लड़ी हैं और आगे भी लड़ाई जारी रखेंगी. साथ ही, इस पूरे मामले की जांच के लिए एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी बनाने की भी घोषणा की.