पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार (11 जुलाई) को कहा कि वह 26 साल के इंद्रजीत मंडल की हत्या को लिंचिंग नहीं मानेंगे. उनका दावा है कि बारुईपुर में 12 साल की लड़की के रेप और हत्या के बाद हुई अशांति के दौरान भीड़ ने हमला करने से पहले पीड़ित की पहचान कर ली थी.

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न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, लड़की की हत्या को लेकर फैले भारी गुस्से के बीच भीड़ ने मंडल की पीट-पीटकर हत्या कर दी. इस घटना के बाद इलाके में हिंसा भड़क गई, जिसके चलते पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी पड़ी और सुरक्षा बल तैनात करने पड़े. मंडल की मौत का जिक्र करते हुए बंगाल के सीएम ने कहा, "इंद्रजीत मंडल की पहचान करने और उनकी जानकारी हासिल करने के बाद उनकी बेरहमी से हत्या उन लोगों ने कराई जो बंगाल को अस्थिर करना चाहते हैं, जबकि राज्य सरकार पीएम मोदी के नेतृत्व में तरक्की और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रही है. 

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क्या बोले शुभेंदु अधिकारी?

पत्रकारों से बात करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि इस अशांति को राजनीतिक रूप से नकारे गए लोगों और संभवत कट्टरपंथी ताकतों या अति-वामपंथी तत्वों ने हवा दी. उन्होंने कहा कि पुलिस उन लोगों की भी जांच कर रही है जो घटना स्थल पर मौजूद थे और उनकी भी जिन्होंने कथित तौर पर दूर से हिंसा भड़काई थी.

वामपंथी तत्वों का भी हाथ हो सकता है- अधिकारी

ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कहा कि निश्चित रूप से कुछ ऐसे लोगों द्वारा इस मामले को उकसाया जा रहा है जिन्हें राजनीति में नकार दिया गया है. इसमें कट्टरपंथी ताकतों या वामपंथी तत्वों का भी हाथ हो सकता है. पुलिस इसकी जांच कर रही है. 

उन्होंने कहा, "जब पुलिस शांति बनाए रखने की अपील कर रही थी और कार्रवाई का भरोसा दिला रही थी, तब भी यहां और दूसरे इलाकों में लोगों को उकसाया जा रहा था. केंद्रीय अर्धसैनिक बलों पर पत्थर फेंके गए और महिला अधिकारियों समेत पुलिस कांस्टेबलों पर हमले किए गए."

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