West Bengal News: पश्चिम बंगाल में छात्रों में एचआईवी पॉजिटिव की संख्या लगातार बढ़ रही है. राज्य के पूर्व बर्धमान जिले से ऐसी चिंताजनक तस्वीर सामने आई है. विशेष रूप से समलैंगिक छात्रों में एचआईवी से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ रही है. आंकड़े मिलने के बाद राज्य का स्वास्थ्य विभाग भी चिंतित है.

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आंकड़ों के अनुसार, साल 2024 में बर्धमान में एचआईवी पॉजिटिव छात्रों की संख्या 24 थी, जो 2025 में बढ़कर यह संख्या 37 हो गई. बड़ी बात यह है कि इनमें 14 साल से ज्यादा उम्र के नाबालिग भी शामिल हैं.

लगातार बढ़ रहे एचआईवी पॉजिटिव के मामले

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दूसरी ओर, इस समय पूर्व बर्धमान जिले में एचआईवी से संक्रमित लोगों की कुल संख्या लगभग 1800 है. साल 2023 में जिले में कुल एचआईवी पॉजिटिव की संख्या 258 थी, जो 2024 में बढ़कर 257 हो गई और 2025 में बढ़कर यह संख्या 314 हो गई.

एचआईवी पर राज्य सरकार के साथ-साथ विभिन्न संगठन भी काम कर रहे हैं. हाल ही में परीक्षण भी बढ़ाए गए हैं और इससे 1 जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 तक पूर्व बर्धमान में एचआईवी रोगियों की कुल संख्या बढ़कर 332 हो गई है. इनमें 90 समलैंगिक मरीज शामिल हैं. 2023 में 22 और 2024 में 28 समलैंगिक एचआईवी से संक्रमित हुए.

नाबालिग और बुजुर्ग भी प्रभावित 

आंकड़े बताते हैं कि एचआईवी पॉजिटिव रोगियों में 14 साल से ज्यादा उम्र के नाबालिग शामिल हैं, साथ ही 50 से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग भी हैं. इस मुद्दे के सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है. 

एचआईवी दिशानिर्देशों के अनुसार, संक्रमितों के नाम, पहचान, पते और व्यवसाय को गुप्त रखा जाता है. लेकिन एचआईवी पर काम करने वाले कुछ संगठनों का दावा है कि पुरुष यौनकर्मी ज्यादातर उच्च शिक्षित और आर्थिक रूप से संपन्न हैं.

टेस्टिंग और रोकथाम पर जोर 

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2023 में बर्धमान में एचआईवी से संक्रमित लोगों की संख्या 258 थी. 2024 में 257 और 2026 के पहले महीने, 31 जनवरी तक 18 संक्रमितों का पता चला है.

जिला स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में 1 लाख 12 हजार टेस्ट हुए थे, जबकि वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक 1 लाख 45 हजार टेस्ट हो चुके हैं. जिले के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी जयराम हेम्ब्रम ने कहा, "टेस्ट बढ़ने से एचआईवी पॉजिटिव की संख्या बढ़ी है. यह समाज के लिए अच्छा है. काउंसलिंग से लेकर इलाज तक सब कुछ चल रहा है. नतीजतन, संक्रमितों से संक्रमण की दर धीरे-धीरे कम हो रही है."

जिले के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी ने क्या कहा?

विभिन्न संगठन भी इस पर काम कर रहे हैं. जिले के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि समलैंगिकों में भी संक्रमितों की संख्या कम हो रही है. उन्होंने आगे कहा, "यह सिर्फ असुरक्षित यौन संबंध के कारण नहीं होता है, बलकि रक्तदान, नशीली दवाओं के सेवन से भी बीमारी फैल सकती है. जो लोग सिरिंज के माध्यम से नसों में नशीली दवाएं लेते हैं, वे एक ही सिरिंज का उपयोग बार-बार करते हैं. इससे एचआईवी फैलने का खतरा और भी बढ़ जाता है."