बंगाल में बीजेपी की शुभेंदु सरकार का सोमवार (1 जून) को कैबिनेट विस्तार हुआ, जिसके तहत 35 नए मंत्रियों ने कोलकाता के लोक भवन में शपथ ली. राज्यपाल आरएन रवि ने सभी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. नए मंत्रियों में सबसे चर्चित नाम कलिता माझी का हैं. शुभेंदु सरकार में कलिता माझी को राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया गया है. उन्होंने बीजेपी के टिकट पर ऑसग्राम विधानसभा सीट जीतकर इतिहास रच दिया. बता दें कि कलिता माझी की तारीफ खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं. कौन हैं कलिता माझी?

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घरेलू सहायिका के तौर पर काम करने वाली कलिता माझी दूसरों के घरों में जाकर बर्तन धोती थीं और घर के कामकाज करती थीं. यही काम उनके परिवार के भरण-पोषण का एकमात्र जरिया रहा. हैरानी की बात ये है कि चुनाव प्रचार के दौरान भी माझी ने काम से कोई छुट्टी नहीं ली, जबकि इन कामों के जरिए वो हर महीने 2500 रुपये कमाती थीं. इस तरह बर्तन धोने का काम करते हुए भी कलिता माझी 'माननीय' (MLA) बन गईं. 

औसग्राम में पहली बार खिला 'कमल' 

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बता दें कि कलिता माझी बंगाल के औसग्राम विधानसभा से विधायक बनी हैं. उन्होंने विधानसभा चुनाव में टीएमसी के कद्दावर नेता श्यामा प्रसन्न लोहार को करारी शिकस्त दी. कलिता माझी को 107,692 वोट मिले, जबकि श्याम लोहार को मात्र 95,535 वोट मिले. माझी ने 12,692 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की. इसी के साथ ही माझी की जीत की बदौलत पहली बार औसग्राम में 'कमल' खिला. 

लगातार 2 बार मिला मौका

बीजेपी ने इससे पहले 2021 में भी कलिता माझी को विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवार बनाया था. उस समय कलिता माझी लगभग 12,000 वोटों के अंतर से हार गई थीं. फिर भी वह 88,577 वोट हासिल करने में कामयाब रहीं. इसी वजह से बीजेपी ने उन्हें दूसरा मौका दिया और वो इस बार भरोसे पर खरी उतरीं.

बता दें कि कलिता माझी ने करीब 10 साल पहले राजनीति शुरुआत की. उन्होंने बूथ स्तर पर एक जमीनी कार्यकर्ता के तौर पर अपनी यात्रा शुरू की. पार्टी ने उनमें छिपी नेतृत्व क्षमता को पहचाना. लगातार एक्टिव रहने के कारण बीजेपी ने उन्हें 2 बार विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया. 

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