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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक के बाद साझा बयान जारी किया. इस दौरान पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में रूस ने भारत का सहयोग किया. उन्होंने कहा कि पहलगाम या क्रोकस सिटी हॉल (रूस) पर कायरपूर्ण हमला इन सबका जड़ एक ही है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "भारत और रूस लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं. उन्होंने कहा कि भारत का अटूट विश्वास है कि आतंकवाद मानवता के मूल्यों पर सीधा हमला है और इसके खिलाफ वैश्विक एकजुटता हमारी सबसे बड़ी ताकत है. उन्होंने कहा, "भारत का अटल विश्वास है कि आतंकवाद मानवता के मूल्यों पर सीधा प्रहार है और इसके विरुद्ध वैश्विक एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है. भारत-रूस की दोस्ती ध्रुव तारे की तरह चमक रही है."

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आतंकवाद का जिक्र आने से पाकिस्तान में खौफ

मोदी-पुतिन के साझा बयान में आतंकवाद का जिक्र आने से पाकिस्तान खौफ में है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी रूस ने आतंक के खिलाफ भारत के कदम का सपोर्ट किया था.  रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, "हम सबसे बड़े भारतीय न्यूक्लियर प्लांट के निर्माण की परियोजना पर भी काम कर रहे हैं. छह में से तीन रिएक्टर पहले ही ऊर्जा नेटवर्क से जुड़ चुके हैं."

यूक्रेन जंग को लेकर पुतिन का बयान

पुतिन ने कहा कि पिछले साल भारत-रूस द्विपक्षीय व्यापार 12 फीसदी बढ़कर लगभग 64 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो एक नया रिकॉर्ड है. यूक्रेन के साथ युद्ध रोकने पर बयान जारी कर उन्होंने कहा, "मुझे बुलाने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद. मैं यूक्रेन में हो रही घटनाओं के बारे में बहुत सारी डिटेल्स शेयर कर सकता हूं. हम अमेरिका समेत कुछ साझेदारों के साथ मिलकर एक संभव शांतिपूर्ण बयान पर बात कर रहे हैं. इस परिस्थिति का समाधान ढूंढने में ध्यान देने के लिए आपका धन्यवाद."

स्पेस, AI जैसे क्षेत्रों में साथ काम करेगा भारत-रूस

पुतिन ने कहा, "पिछले कुछ सालों में आपने हमारे रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए बहुत काम किया है. हम हाई-टेक एयरक्राफ्ट, स्पेस एक्सप्लोरेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समेत सहयोग के लिए और भी क्षेत्र खोल रहे हैं." इससे पहले पीएम मोदी ने कहा, "कल से डेलिगेशन के लोग अनेक बैठकों में व्यस्त रहे हैं. बहुत सारे परिणाम के साथ ये समिट आगे बढ़ रही है. आपकी ये यात्रा बहुत ही ऐतिहासिक है. 2001 में जब आपने कार्यभार संभाला और पहली बार भारत की यात्रा हुई आज उसे 25 साल हो गए हैं. उस पहली यात्रा में ही रणनीतिक साझेदारी की नींव रखी गई थी."