नई दिल्ली: दो दिन पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने देश को अपना फटा कुर्ता दिखाया था, लेकिन सोशल मीडिया पर खबर आई है कि राहुल गांधी को उनका कुर्ता सिलवाने के लिए किसी ने 100 रुपए का डिमांड ड्राफ्ट भेजा है. सुनने में तो बड़ा दिलचस्प है लेकिन कितना सच है ये पता लगाते हैं
दरअसल कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने उत्तराखंड के ऋषिकेश में प्रधानमंत्री मोदी के कपड़ों पर तंज कसते हुए अपना फटा कुर्ता लोगों को दिखाया था. राहुल गांधी के फटे कुर्ते का चैप्टर तो क्लोज हो गया, लेकिन सोशल मीडिया पर फटे कुर्ते से जुड़ी एक नई कहानी सुर्खियों में है.
एक शख्स ने राहुल गांधी को उनका फटा कुर्ता सिलवाने के एक डिमांड ड्राफ्ट भेजा है. यह 100 रुपए का सेंट्ल बैंक ऑफ इंडिया का चेक है. जो राहुल गांधी के नाम पर है और इसपर 17 जनवरी की तारीख है. डिमांड ड्राफ्ट के अलावा राहुल गांधी के नाम एक चिट्टी भी लिखी गई है.
राहुल गांधी के नाम एक चिट्ठी लिखी गई है. इस चिट्ठी में लिखा है-
‘’माननीय श्री राहुल गांधी जी
विषय- आपके फटे कुर्ते की सिलाई के संदर्भ में
श्रीमान जी न्यूज चैनल और समाचार पत्र के माध्यम से मैंने और सारे देश ने देखा कि एक जनसभा में आपने फटा हुआ कुर्ता दिखाया. आपकी सादगी पर मुझे गर्व है, लेकिन आपका फटा कुर्ता देखकर काफी दुख हुआ, इसलिए मैं 100 रुपए का डिमांड ड्राफ्ट जिसकी संख्या 071691 सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा को भेज रहा हूं. मेरी छोटी सी भेंट स्वीकार करें और अपने कुर्ते की सिलाई जरूर करवाएं. मैं आपका आभारी रहूंगा और मुझे बहुत खुशी होगी.’’
चिट्ठी में साइन से लेकर डिमांड ड्राफ्ट भेजने वाले का नाम पता सब है. लेकिन सवाल ये है कि क्या किसी राजनेता का फटा कुर्ता देखकर देश का आम नागरिक डिमांड ड्राफ्ट से पैसे भेज सकता है और उनसे कुर्ता सिलवाने की अपील भी कर सकता है.
इस कहानी की पड़ताल के लिए एबीपी न्यूज चिट्टी में बताए पते पर पहुंचा और ये जानने की कोशिश की क्या इस पते पर मुकेश कुमार मित्तल नाम का कोई शख्स रहता है? पड़ताल में हमें मुकेश मित्तल भी मिले और उनके हाथ में उस चिट्ठी की कॉपी भी जो उन्होंने राहुल गांधी के नाम लिखी थी.
हमने मुकेश मित्तल से पूछा कि उन्होंने डिमांड ड्राफ्ट भेजने का क्यों सोचा ?
मुकेश कुमार मित्तल के मुताबिक, ‘’राहुल गांधी की दादी और पिता ने देश के लिए बलिदान दिया था और वो एक राष्ट्रीय पार्टी के उपाध्यक्ष है. ऐसे में उन्होंने अपना फटा हुआ कुर्ता पूरे देश को दिखाया, जिससे उने पीड़ा हुई. इसलिए उन्होंने 100 रुपए का डिमांड ड्राफ्ट भेजा है.’’
मुकेश मित्तल गाजियाबाद में रहते हैं और किसी भी राजनीतिक पार्टी से जुड़े हुए नहीं है. मुकेश प्राइवेट नौकरी करते हैं. मुकेश मित्तल ने आम नागरिक की तरह राहुल गांधी के नाम चिट्ठी लिखी और फटा कुर्ता सिलवाने के लिए 100 रुपए डिमांड ड्राफ्ट भेजा था.
हमारी पड़ताल में वायरल हो रही कहानी सच साबित हुई है.