नई दिल्लीः सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से एक विदेशी महिला की चर्चा चल रही है.  वायरल वीडियों में दावा किया जा रहा है कि साड़ी में दिख रही महिला भारत में अमरिकी राजदूत हैं जिन्होने भारत में आकर हिंदू धर्म को अपना लिया है. दावे के मुताबिक भारत में अमेरिकी राजदूत बनकर आईं इन विदेशी महिला को हिंदू धर्म और भारतीय परंपरा इतनी भा गई कि उन्होनें अपना धर्म परिवर्तन ही कर लिया. यहां तक के हिंदू धर्म अपनाने के लिए कुछ लोग ट्विटर पर उन्हें बधाई तक देने लगे.

एबीपी न्यूज ने की पड़ताल क्या ये मुमकिन है कि देश की राजदूत भारत में आकर हिंदू धर्म अपना ले और देश या विदेशी मीडिया में कहीं भी इसका जिक्र ना हो? दावे पर शक दूर करने के लिए एबीपी न्यूज ने पड़ताल शुरू की. हिंदू धर्म में परिवर्तित होने या ना होने की बात तो से पहले ये जानना जरूरी था कि मैरीके लॉस कार्लसन भारत में अमेरिकी राजदूत हैं भी या नहीं. इसी की पड़ताल करने पर पता चला कि फिलहाल भारत में अमेरिका का कोई राजदूत या एंबेसडर नहीं है. ओबामा ने साल 2014 में रिचर्ड राहुल वर्मा को भारत में अमेरिकी राजदूत के तौर पर भेजा था लेकिन ट्रंप सरकार ने आकर रिचर्ड वर्मा के कार्यकाल को खत्म कर दिया और अभी तक भारत में नए अमेरिकी राजदूत की नियुक्ति नहीं हुई है.

मैरीके लॉस कार्लसन हैं कौन मैरीके लॉस कार्लसन भारत में अमेरिकी राजनयिक हैं. दरअसल वायरल तस्वीर उनके ट्विटर अकाउंट से ही ली गई है जो मैरी ने 15 अगस्त के दिन पोस्ट की थी. हालांकि इसी तस्वीर के चलते ये दावा किया जाने लगा कि उन्होंनें हिंदू धर्म अपना  लिया है.

कैसे वायरल हुई तस्वीर दरअसल अमेरिकी राजनयिक मैरीके भारत के 71 वें स्वतंत्रता दिवस पर भारतीय परंपरा के हिसाब से साड़ी पहनना चाहती थीं लेकिन इस अवसर पर कैसी साड़ी पहननी चाहिए इसका उन्हें अंदाजा नहीं था इसलिए स्वतंत्रता समारोह में कौन सी साड़ी पहननी है इसका जिम्मा उन्होंने नेटीजेन्स यानी इंटरनेट पर एक्टिव लोगों को सौंप दिया. सबसे पहले उन्होंने 3 अगस्त को अपनी चार तरह की साड़ी में तस्वीर ट्विटर पर पोस्ट की और लोगों को वोट कर बताने को कहा कि उन्हें 15 अगस्त के समारोह में कौन सी साड़ी पहननी चाहिए. फिर लोगों की पसंद का ख्याल रखते हुए उन्होंने दो साड़ी चुनी. पहली नारंगी और हरे रंग की कांजीवरम जिसे उन्होने स्वतंत्रता दिवस की सुबह में लाल किले पर झंडा फहराने के कार्यक्रम में जाते हुए पहना था और दूसरी साड़ी उसी दिन शाम को राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में जिसकी तस्वीर वायरल होने लगी.

भारत में अमेरिकी राजनयिक मैरीके लॉस कार्लसन को भारतीय परंपरा पसंद है इसलिए उन्होंने साड़ी पहनी. हालांकि साड़ी पहनने और बिंदी लगाने का ये मतलब कतई नहीं है कि उन्होने हिंदू धर्म अपना लिया. साड़ी पहनने के लिए किसी को हिंदू धर्म अपनाने की जरूरत नहीं है ये बात उन लोगों को समझने की जरूरत है जो ऐसी अफवाहें फैलाते हैं. मैरीके के ट्विटर अकाउंट पर देखने पर उनके हिंदू धर्म में परिवर्तन वाले दावे का सच भी हमारे सामने आ गया. एबीपी न्यूज की पड़ताल में अमेरिकी राजदूत के हिंदू धर्म में परिवर्तन का दावा झूठा साबित हुआ है.