नई दिल्लीः भगवा पगड़ी में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की तस्वीर वायरल होने के बाद ये सवाल उठ रहे थे कि उन्होंने ऐसी पगड़ी क्यों पहनी. सिर पर भगवा पगड़ी में दिख रहे समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का ये रूप खूब चर्चा में आ गया क्योंकि आम तौर पर अखिलेश लाल रंग की टोपी में ही नज़र आते थे. कभी कभी मुस्लिम कार्यक्रमों में वो अलग तरह की टोपी भी पहनते दिखे लेकिन वायरल संदेशों में रूप बिल्कुल ही बदला हुआ दिखा जिसपर लोगों ने खूब चुटकी भी ली.
मसलन 'अखिलेश भैया भाजपा ज्वाइन कर लिए क्या जी..भगवा पगड़ी काहे पहने हैं? अखिलेश यादव को भी भगवा रंग चढ़ गया, अखिलेश यादव ने भगवा पगड़ी बांधकर साबित कर दिया कि मेरा देश बदल रहा है, बीजेपी ने दो युवाओं को बदल ही दिया कम से कम या मजबूर कर दिया. अखिलेश भइया भगवा टोपी पहनने के लिए धन्यवाद आशा है जल्द राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रम में जुड़ेंगे.'
देश की राजनीति में भगवा रंग को बीजेपी और आरएसएस या हिंदू संगठनों से जोड़ा जाता है और सब जानते हैं कि अखिलेश यादव बीजेपी के घोर विरोधी हैं. लेकिन चुनाव के मौके पर ये तस्वीरें लोगों को चौकाने वाली लगी और इस तस्वीर में लोगों की दिलचस्पी को देखकर इसकी पड़ताल शुरू करने पर सच सामने आया.
इंटरनेट पर वीडियो खोजते वक़्त पता लगा कि अखिलेश यादव की तस्वीरें पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की हैं जहां गोवर्धन पूजा में अखिलेश शामिल हुए थे. उन्होंने 9 नवंबर को खुद अपने ट्विटर अकाउंट पर ये तस्वीरें शेयर की थीं. अखिलेश के भगवा पगड़ी पहनने की वायरल तस्वीरें सही हैं. इस तस्वीर में कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है. हालांकि ये कहा जा रहा है कि हो सकता है अखिलेश ने हिंदू वोटरों को संदेश देने के लिए भगवा पगड़ी बांधी हो.