अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने रविवार (21 जून, 2026) को बड़ी मांग रखी है. उन्होंने कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर कहा कि इस मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए. इसके साथ, जो भी इस मामले में दोषी पाया जाए, उसे कानून के मुताबिक कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए.

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मामले पर क्या बोले VHP के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष?

न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा, ‘अभी इस मामले की जांच जारी है, तो हमें जांच के नतीजों का इंतजार किया जाना चाहिए और किसी की भी प्रतिष्ठा को खराब करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए.’ उन्होंने कहा, ‘राम मंदिर के लिए करोड़ों की संख्या में परिवारों ने धन दान किया है और यह दान पुण्य का धन है.’

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उन्होंने आगे कहा, ‘मैं इस बात से संतुष्ट हूं कि जैसे ही इस मामले को लेकर आरोप लगाए जाने लगे, वैसे ही श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखकर जांच के लिए एक एसआईटी (SIT) गठित करने का आग्रह किया.’ 

चंपत राय सबसे पहले SIT के सामने हुए पेश- आलोक कुमार

आलोक कुमार ने कहा, ‘एसआईटी की टीम अयोध्या पहुंच चुकी है. चंपत राय सबसे पहले एसआईटी के सामने पेश हुए और उन्होंने कहा कि महासचिव होने के नाते यह उनकी पहली जिम्मेदारी है. हम चाहते हैं कि इस मामले में गहनता से जांच की जाए, न कि सिर्फ सहानुभूति के आधार पर.’

उन्होंने कहा कि कानून के मुताबिक उन सभी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, जिसने किसी भी अपराध को अंजाम दिया है, फिर चाहे वो विश्वासघात हो या लापरवाही. उसकी पहचान की जानी चाहिए, फिर चाहे वो कोई भी हो, लेकिन जांच की रिपोर्ट आने से पहले किसी को भी सबकी छवि खराब करने का हक नहीं है. 

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