अयोध्या के राम मंदिर में दान को लेकर उठे विवाद के बीच विश्व हिंदू परिषद ने मामले में FIR दर्ज करने की मांग की है. वीएचपी अध्यक्ष आलोक कुमार का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो. वहीं इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए गठित एसआईटी अपनी पड़ताल में जुटी हुई है. पूरे मामले पर संघ और विहिप के ऊपर भी सवाल उठने लगे थे, लेकिन आलोक कुमार के बयान से ये साफ है कि विहिप ने खुद को पूरे मामले से अलग कर लिया है.

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राम मंदिर दान चोरी मामले में विश्व हिंदू परिषद अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि मंदिर के चढ़ावे, दान और प्रशासनिक व्यवस्था का संचालन श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट करता है और वीएचपी की इसमें कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है.वीएचपी के मुताबिक, आरोप सामने आने के बाद ट्रस्ट ने स्वयं उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी, जिसके बाद एसआईटी का गठन किया गया. संगठन का कहना है कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए मामले में पूरी पारदर्शिता बरती जानी चाहिए और जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी होनी चाहिए.

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एफआईआर की मांग तेज विहिप अध्यक्ष ने जल्दी FIR दर्ज करने की मांग की है. आलोक कुमार ने कहा कि SIT की प्रारम्भिक जांच के बाद अब लगता है FIR दर्ज करने की जरूरत है.जल्दी से जल्दी जांच करके इसमें कोर्ट डे तो डे सुनवाई करके 4 महीने में फैसला दे. दुनियाभर में हिंदुओं की आस्था पर ठेस पहुंची है.जो भी जितना भी बड़ा हो अगर दोषी है तो उस पर कार्यवाही होनी चाहिए.

इस्तीफों पर बयान चम्पत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे को लेकर आलोक कुमार ने कहा मुझे विश्वास है समय आने पर वो इस पर विचार करेंगे. चम्पत जी और अनिल मिश्रा जी को मै जनता हूं.सपा और कांग्रेस द्वारा सवाल उठाने पर कहा एक पार्टी ने रामभक्तो पर गोली चलवाई एक पार्टी ने कोर्ट में कहा राम तो काल्पनिक है. इन लोगों को ना भगवान राम से मतलब है ना राम मंदिर से और ना ही राम जन्मभूमि है.ये 2027 के विधानसभा चुनावों के चलते मुद्दा उठा रहे. मै तो खुद इनको बुलावा देने गया था लेकिन आए नहीं थे. VHP ने बनाई दूरी विहिप अध्यक्ष के बयान के बाद ये साफ है कि राम मंदिर आंदोलन के समय से पूरे आंदोलन का नेतृत्व करने वाली विश्व हिंदू परिषद ने खुद को इस पूरे मामले से अलग कर लिया है. वही हिंदुओं की आस्था न टूटे और संघ और विहिप पर भरोसा बना रहे इसके लिए विहिप ने जल्दी से जल्दी जांच करके बड़े से बड़े दोषियों पर कार्यवाही की मांग कर दी है.

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