लोकसभा के इतिहास में पहली बार सदन की कार्यवाही के दौरान गूंजा 'वंदे मातरम', बना ऐतिहासिक पल
Vande Mataram in Parliament: लोकसभा की कार्यवाही 13 अगस्त को राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के साथ शुरू हुई. इस दौरान पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सदन में मौजूद रहे.

मानसूत्र सत्र के आखिरी दिन लोकसभा कार्यवाही की शुरुआत वंदे मातरम् के साथ हुई. संसद में ऐसा पहली बार हुआ है. उस समय सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ सभी सांसद मौजूद थे. हालांकि संसद का मानसून सत्र इस बार हंगामे की भेंट चढ़ गया. लोकसभा की कार्यवाही 13 अगस्त 2026 को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई. इसके साथ ही मानसून सत्र का समापन हुआ. राष्ट्रगीत के सभी छह पद बजाए गए.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से वंदे मातरम् को कानूनी सुरक्षा देने वाले कानून को मंजूरी देने के कुछ दिनों बाद संसद में इसे गाया गया. इस कानून के प्रावधान के अनुसार, राष्ट्रगीत के गायन में जानबूझकर बाधा डालने या उसे रोकने को दंडनीय अपराध होगा, जो इसे राष्ट्रगान के समान ही कानूनी दर्जा देता है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जनवरी में निर्देश दिया था कि राष्ट्रपति के आगमन पर, तिरंगा फहराने और राज्यपालों के संबोधन जैसे मौकों पर वंदे मातरम् के छह पद गाए जाएं.
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि अब देश में राष्ट्रगान के साथ राष्ट्रगीत का गायन भी होगा. उन्होंने कहा, 'पहली बार वंदे मातरम् का गायन राष्ट्रगान के साथ लाल किले से होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वंदे मातरम का जयघोष जब विदेशों में करते हैं तो भारतीयों का रोम-रोम रोमांचित हो जाता है. यह एक ऐतिहासिक कदम है. इसके लिए देशवासियों की ओर से आभार है.'
देश 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले से राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे. रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने सोमवार को बताया कि वर्ष 2026 में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं. इस ऐतिहासिक अवसर को चिह्नित करते हुए पहली बार लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया जाएगा.प्रधानमंत्री के लाल किले पहुंचने पर ‘वंदे मातरम्’ का गायन होगा.
इस बार पूरे संसद के मानसून सत्र में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित तौर पर गबन और नीट पेपर लीक के मुद्दे पर हंगामा जारी रहा. विपक्ष ने नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई का भी विरोध किया. साथ ही, विपक्ष ने सदन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी नहीं होने पर सवाल उठाए और छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर सरकार का जवाब मांगा






















