कलकत्ता हाईकोर्ट ने एक आदेश रविवार (19.07.2026) को जारी किया है. इस आदेश को टीएमसी के लिए बड़ी राहत माना जा सकता है. यह मामला अमतला में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के ऑफिस में तोड़फोड़ का है. जहां सारा काम अगले आदेश तक रोक देने का निर्देश अदालत की तरफ से दिया गया है. कोर्ट ने कहा है कि अमतला में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के ऑफिस में तोड़-फोड़ का सारा काम अगले आदेश तक रोक दिया जाए.
जानें टीएमसी नेता से जुड़ा क्या है पूरा मामला?
शनिवार (18 जुलाई) को ममता बनर्जी के भतीजे और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी के ऑफिस पर बुलडोजर एक्शन हुआ था. पुलिस ने अभिषेक बनर्जी के ऑफिस को कथित रूप से अवैध बताकर गिराना शुरू कर दिया. ऑफिस दक्षिण परगना में अमतला में अमतला और बरूईपुर रोड पर है. शनिवार सुबह इस ऑफिस पर बुलडोजर कार्रवाई हुई. इससे पहले ऑफिस को लेकर एक नोटिस भी जारी किया गया था. इसे अवैध करार दिया गया था. यानी प्रशासन का कहना है कि यह बिल्डिंग बिना अनुमति के बनाई गई. इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था.
पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने जो सत्ता परिवर्तन किया है, उसके बाद से टीएमसी की लगातार मुश्किलें खड़ी हो रही हैं. मॉनसून सत्र के पहले लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला ने टीएमसी से एनसीपीआई में शामिल हुए 20 सांसदों को अलग से सीटिंग व्यवस्था की मंजूरी दी है.
सर्वदलीय बैठक में हंगामा, विपक्षी दलों ने किया कड़ा विरोध
इससे पहले संसद सत्र से पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में विवाद तब खड़ा हो गया, जब टीएमसी के बागी सांसदों को मीटिंग में शामिल होने के लिए बुलाया गया. इस पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध किया. साथ ही सिंबॉलिक वॉकआउट कर दिया. प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद विपक्षी नेता दोबारा मीटिंग में शामिल हो गए.
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