भारतीय सेना के पश्चिमी कमान (चंडीगढ़ के चंडीमंदिर) ने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और इंडो-पैसिफिक कमांड के कमांडर को ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी जानकारी दी है. भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और यूएस इंडो-पैकॉम कमांडर, एडम सैमुअल जे. पापारो, ने पश्चिमी कमान के मुख्यालय का दौरा किया.
इस दौरान लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार, कमांडर, वेस्टर्न कमांड के साथ भारत के पश्चिमी मोर्चे के साथ अफगानिस्तान की सुरक्षा पर गहन चर्चा की. प्रतिनिधिमंडल को पश्चिमी मोर्चे के दृष्टिकोण पर व्यापक रूप से जानकारी दी गई. इसमें ऑपरेशन तत्परता, विशिष्ट विरासत, ऑपरेशन सिंदूर और राष्ट्र-निर्माण के अलावा क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करने में भारतीय सेना द्वारा निभाई जा रही महत्वपूर्ण भूमिका शामिल है. अमेरिकी राजदूत ने पश्चिमी कमांड का दौरा करते हुए कहा कि साझा प्रयास एक सुरक्षित इंडो-पैसिफिक के लिए जरूरी है. अमेरिका और भारत की रक्षा साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है.
इस दौरे पर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने क्या कहा?
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर इस दौरे की जानकारी साझा की है. उन्होंने कहा कि यह एक शानदार यात्रा हमारे संयुक्त प्रयास की एक सुरक्षित इंडो-पैसिफिक कुंजी है. भारत और अमेरिका की डिफेंस साझेदारी मजबूत हो रही है. लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कटियार के गर्मजोशी स्वागत के लिए उनका धन्यवाद.
क्यों होता है इस तरह का दौरा? विदेशी राजदूतों और राजनयिकों को भारतीय सेना के कमान मुख्यालयों और सैन्य ठिकानों का दौरा अक्सर होता रहता है. यह कोई नई बात नहीं है. इस तरह के दौरे दो देशों के रक्षा सहयोग को मजबूत बनाते हैं. भारत और अमेरिका के बीच रक्षा साझेदारी तेजी से बढ़ रही है. दोनों देश जॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइज करते हैं. इनके अलावा हथियार खरीदी-बिक्री करते हैं. साथ ही खुफिया जानकारी भी साझा करते हैं. ऐसे दौरे से दोनों देशों की सेनाएं एक दूसरे को बेहतर समझती हैं.
