लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ कल रात दंगे की आग में झुलसने से बाल बाल बच गई. लखनऊ के कैसरबाग इलाके में एक मामूली सी बात पर दो समुदाय आमने सामने आ गए. लेकिन पुलिस ने फौरन एक्शन लेते हुए हालात काबू में कर लिए.

पूरे इलाके में तैनात हुई पुलिस फोर्स

डीएम कौशल राज शर्मा और एसएसपी दीपक कुमार की अगुवाई में पुलिस फोर्स पूरे इलाके में तैनात कर दी गई और हिंसा होने से बच गई. इस दौरान लखनऊ के डीएम कौशल शर्मा और एसएसपी दीपक कुमार ने इलाके में पैदल गश्त कर के लाऊड स्पीकर पर स्थानीय लोगों को समझाया.

क्या है मामला?

दरअसल कैसरबाग के नजीराबाद में धार्मिक आयोजन को लेकर एक युवक पानी का स्टॉल लगा रहा था. तभी वहां पर साइकिल स्टैंड चलाने वाले वाले मुन्ना नाम के शख्स ने उसकी लाठी डंडे से पिटाई कर दी. जिसके बाद देखते ही देखते दो समुदायों के लोग आमने सामने आ गए और पत्थर बाज़ी शुरू कर दी. सोशल मीडिया पर भी अफवाहें भी तेजी से फैली कि दो समुदायों में हिंसा हो गई है.

ज़बरदस्ती अलग रंग दे रहे हैं लोग- पीड़ित परिवार

वहीं जिस युवक की पिटाई हुई है, उसकी भाभी ने कहा कि हमारी आपस की लड़ाई को लोग ज़बरदस्ती अलग रंग दे रहे हैं, जबकि हम कई सालों से यही रह रहे हैं. उन्होंने कहा कि ये कोई दंगा नहीं है. हमें आगे भी सबके साथ रहना है.

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