यूपी के सोनभद्र जिले के डीएम टीके शिबू के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है. अवैध खनन मामलों में लापरवाही और भ्रष्टाचार के मामले को लेकर डीएम को सस्पेंड कर दिया गया है. अपर मुख्य सचिव की तरफ से जारी एक चिट्ठी में ये जानकारी दी गई. इसमें जिला निर्वाचन अधिकारी के तौर पर गंभीर लापरवाही बरतने की भी जिक्र किया गया है.
डीएम के खिलाफ पूरी हुई जांचअपर मुख्य सचिव की तरफ से बताया गया है कि, सोनभद्र के डीएम टीके शिबू के खिलाफ भ्रष्टाचार को लेकर स्थानीय प्रतिनिधि लगातार शिकायत कर रहे थे. साथ ही उन्होंने जिला बतौर निर्वाचन अधिकारी लापरवाही की, जिसका उदाहरण पोस्टर बैलेट सील न करके सार्वजनिक स्थल पर पाए जाने के कारण मीडिया में वायरल होना था. इस घटना के कारण पूरे जिले में मतदान निरस्त करने जैसे स्थिति पैदा हो गई थी.
इसमें ये भी बताया गया है कि डीएम के खिलाफ एक जांच बिठाई गई थी. मिर्जापुर आयुक्त विध्यांचल मंडल की तरफ से की गई जांच में डीएम को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया. जिसके बाद उनके खिलाफ ये कार्रवाई की गई है. डीएम को सस्पेंड किए जाने के अलावा उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं. साथ ही वो बिना लिखित अनुमति के जिला छोड़कर नहीं जा सकते हैं.
एसडीएम पर भी हुआ था एक्शनबता दें कि चुनाव के दौरान जिस वीडियो का जिक्र किया गया है, उसमें घोरावाल विधानसभा सीट के रिटर्निंग ऑफिसर एसडीएम के खिलाफ पहले ही कार्रवाई हो चुकी है. खुद डीएम टीके शिबू ने एसडीएम को उनके पद से हटा दिया था. क्योंकि उनके वाहन से सपा कार्यकर्ताओं ने चुनावी सामग्री समेत बैलेट पेपर बरामद किए थे. इस पूरी घटना का वीडियो वायरल हो गया था और सपा कार्यकर्ताओं ने इसे लेकर सरकार पर सवाल भी उठाए थे. अब डीएम पर भी इसी मामले को लेकर गाज गिरी है.
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