PNB करेंसी चेस्ट मामले में NIA का शिकंजा! फरार बैंक मैनेजर अरेस्ट
सहारनपुर PNB करेंसी चेस्ट नकली नोट मामले में NIA ने फरार बैंक कर्मचारी अमित कुमार को गिरफ्तार किया है. मामले में 17.29 करोड़ रुपये के नकली नोट मिले थे.

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट से जुड़े नकली नोट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA ने बड़ी कार्रवाई की है. जांच एजेंसी ने मामले में फरार चल रहे बैंक कर्मचारी अमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. वह इस केस की FIR में नामजद प्रमुख आरोपियों में शामिल बताया जा रहा है.
यह मामला करोड़ों रुपये के नकली भारतीय नोट करेंसी चेस्ट तक पहुंचने से जुड़ा है. NIA अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट बैंक के करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे और इस पूरे मामले के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं.
करेंसी चेस्ट से मिले थे 17.29 करोड़ रुपये के नकली नोट
मामला 29 अगस्त 2026 को उस समय सामने आया, जब सहारनपुर के सदर बाजार थाना पुलिस को बैंक की करेंसी चेस्ट में नकली नोट होने की जानकारी मिली. जांच के दौरान करीब 17.29 करोड़ रुपये मूल्य के नकली भारतीय नोट बरामद होने की बात सामने आई. मामले की शुरुआती जांच में बैंक के तीन कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आई थी. इसके बाद बैंक प्रबंधन ने तीनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था. अब NIA इस मामले की पूरी साजिश और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है.
पहले पुलिस ने दर्ज की थी FIR
इस मामले में सबसे पहले 29 अगस्त को सहारनपुर के सदर बाजार थाने में FIR नंबर 0431/2026 दर्ज की गई थी. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता यानी BNS, 2023 की धारा 178 के तहत तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. इसके बाद 3 सितंबर 2026 को NIA ने मामले को अपने हाथ में लेते हुए अलग से केस दर्ज किया. जांच एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में लगी है.
नकली नोट बैंक तक कैसे पहुंचे, जांच जारी
अमित कुमार की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी के सामने कई अहम सवाल हैं. NIA यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नकली नोट कहां से आए, उन्हें करेंसी चेस्ट तक पहुंचाने में किसकी भूमिका थी और बैंक के अंदर या बाहर इस नेटवर्क से जुड़े कितने लोग हैं. जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस साजिश के पीछे किसी संगठित गिरोह या अन्य नेटवर्क का हाथ तो नहीं है. मामले में फरार बताए जा रहे दूसरे आरोपियों की तलाश भी जारी है. फिलहाल NIA की जांच आगे बढ़ रही है और गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर इस मामले में और लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना है.
















