आम जनता उन्नयन पार्टी के मुखिया और विधायक हुमायूं कबीर के एक विवादित बयान पर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. हुमायूं कबीर ने बकरीद से पहले गाय की कुर्बानी को लेकर कहा कि मुस्लिम समुदाय कुर्बानी को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा. उनके इस बयान के बाद चौतरफा विवाद खड़ा हो गया है.
'कानून का पालन करना होगा'
हुमायूं कबीर के इस बयान पर केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. केंद्रीय मंत्री ने साफ लहजे में कहा कि 'सरकार किसी व्यक्ति विशेष के कहने से नहीं, बल्कि देश के नियम और कानून से चलती है. उन्होंने जोर देकर कहा कि देश का जो भी कानून है, उसका पालन हुमायूं कबीर समेत हर नागरिक को करना पड़ेगा. कानून से ऊपर कोई नहीं है.'
हुमायूं कबीर ने कुर्बानी पर क्या कहा?
न्यूज एजेंसी IANS से बातचीत के दौरान हुमायूं कबीर ने कहा था कि 'संविधान का सम्मान करना चाहिए, लेकिन कुर्बानी होगी. गाय की भी होगी, बकरे की भी होगी और ऊंट की भी होगी. कुर्बानी के लिए जो पशु जायज हैं, उनकी कुर्बानी होगी. मैं भाजपा सरकार को चेतावनी देता हूं. सुवेंदु अधिकारी से सीधे तौर पर कह रहा हूं कि आग से मत खेलो.'
उन्होंने कहा कि 'अगर वे कुर्बानी पर रोक लगाने की कोशिश करते हैं, तो इससे उनके लिए ही मुश्किलें खड़ी होंगी. मुस्लिम समुदाय किसी भी हाल में कुर्बानी के मामले में कोई समझौता नहीं करेगा.हुमायूं कबीर ने कहा कि 37 प्रतिशत से अधिक मुसलमान गाय का गोश्त खाते हैं. सबसे पहले स्लॉटर हाउस बंद करना चाहिए. उन्हें तो लाइसेंस दिया गया है. भारत सरकार तो बीफ बाहर भेजकर पैसे कमा रही है. क्या सरकार इसे बंद करेगी?'
केंद्रीय मंत्री बी एल वर्मा ने बंगाल के मदरसों में वंदे मातरम गाने को अनिवार्य किए जाने पर कहा कि 'देशभक्ति का गीत सबको गाना चाहिए इस से किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए.' वहीं, गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के अरशद मदनी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि 'सिर्फ कहें नहीं, दिल से मानना चाहिए. दिल से इस बात को मानेंगे तो ठीक रहेगा.'
