‘पेट्रोल-डीजल हर 15 दिन में...’, एक्साइज ड्यूटी की कटौती के बाद सरकार ने क्या किया ऐलान?
Fuel Prices in India: केंद्र सरकार ने तेल संकट के बीच लोगों को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल पर लगाए जाने वाले स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटीज में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है.

- सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर ₹10 एक्साइज ड्यूटी घटाई।
- अंतरराष्ट्रीय तेल संकट के कारण यह निर्णय लिया गया।
- कीमतों की समीक्षा अब हर 15 दिन में होगी।
- खुदरा कीमतों पर तत्काल कोई असर नहीं पड़ेगा।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण लगातार बढ़ रहे तेल संकट के बीच भारत सरकार ने देश के लोगों के लिए शुक्रवार (27 मार्च, 2026) को एक बड़ी राहत की घोषणा की है. केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगाए जाने वाले स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटीज में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है.
पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि इस कटौती के बाद पेट्रोल पर केंद्र सरकार की कुल एक्साइज ड्यूटी घटकर 11.9 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 7.8 रुपये प्रति लीटर रह जाएगी और यह बदलाव तुरंत प्रभाव से लागू किए जाएंगे. इसके साथ ही सरकार ने यह भी कहा कि अब से हर 15 दिन में तेल की कीमतों की समीक्षा की जाएगी.
एक्साइज ड्यूटीज घटने से आम लोगों पर क्या होगा असर?
हालांकि, सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेज एंड कस्टम्स के चेयरमैन विवेक चतुर्वेदी ने शुक्रवार (27 मार्च, 2026) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात की पुष्टि करते हुए यह भी कहा कि इस कटौती का असर तेल की खुदरा कीमतों पर नहीं पड़ेगा.
उन्होंने कहा कि यह कटौती ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के नुकसान (अंडर-रिकवरी) को कम करने के लिए की गई है, जो अमेरिका और इजरायल के ईरान के साथ चल रहे भीषण युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल की कीमतों में आए उछाल और आपूर्ति में आ रही दिक्कतों के कारण पैदा हुई हैं.
सरकार अपना रही एक संतुलित नजरियाः विवेक चतुर्वेदी
विवेक चतुर्वेदी ने कहा, ‘कच्चे तेल की कीमतों में काफी ज्यादा बढ़ोतरी हुई है. पेट्रोल, डीजल और एटीएफ (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) की कीमतों में भी उछाल आया है. ऐसे में सरकार एक संतुलित नजरिया अपना रही है और जिसके तहत स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी और सेस लागू किए गए हैं, ताकि डीज और ATF के निर्यात कंट्रोल किया जा सके और तेल के दामों की कीमत की हर 15 दिन में समीक्षा की जाएगी.
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