Budget 2025: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने शनिवार (1 फरवरी) को पेश यूनियन बजट को भेदभाव वाला बताया है. उन्होंने कहा है कि इस बजट में तमिलनाडु को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया. उन्होंने यह भी कहा कि बजट में एक बार भी तमिलनाडु का नाम तक नहीं लिया गया और सारी योजनाएं बीजेपी शासित उन राज्यों के लिए प्रस्तावित की गई, जहां चुनाव होने हैं.

एम के स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपनी बात रखते हुए लिखा कि तमिलनाडु राज्य की ओर से कई मांगें की गई थी, लेकिन केन्द्र सरकार ने उनमें से एक भी मांग को मंजूरी देने का साहस नहीं दिखाया. स्टालिन ने लिखा, 'हमारी कई मांगें थीं. हाईवे और रेलवे प्रोजेक्ट थे. कोयंबटूर और मदुरै मेट्रो रेल प्रोजेक्ट था. हमें कुछ भी क्यों नहीं दिया गया? उन्हें कौन रोक रहा था?' स्टालिन ने पूछा, 'इकोनॉमिक सर्वे से लेकर उच्च शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग और नीति आयोग रिपोर्ट तक में तमिलनाडु राज्य की तारीफें हुईं, लेकिन बजट में उसे पूरी तरह क्यों भूल गए?'

'इसे यूनियन बजट क्यों कहा जाए?'तमिलनाडु सीएम ने कहा कि केंद्र की ओर से मिलने वाले फंड में कमी के कारण राज्य सरकार पर भार बढ़ता जा रहा है. केन्द्र ने पहले से ही तमिलनाडु पर कई तरह की पाबंदियां लगा रखी हैं. उन्होंने कहा, 'अगर फंड और योजनाएं सिर्फ उन राज्यों के लिए हैं, जहां बीजेपी और उसके सहयोगियों की सरकार हो या जहां चुनाव होने हो, तो ऐसे बजट को यूनियन बजट कहने की क्या जरूरत है?

सुपर स्टार विजय ने भी कहा, 'तमिलनाडु को नजरअंदाज किया गया'दक्षिण भारत के सुपर स्टार और तमिलगा वेट्री कजगम पार्टी के अध्यक्ष विजय ने भी बजट में तमिलनाडु को नजरअंदाज किए जाने की बात कही. उन्होंने कहा कि 12 लाख तक की सालाना आय को टैक्स फ्री करना स्वागत योग्य फैसला है लेकिन इस बजट में एक बार फिर तमिलनाडु को पूरी तरह भूला दिया गया. पेट्रोल-डीजल और जीएसटी पर भी किसी तरह का टैक्स कम नहीं किया जाना भी निराशाजनक रहा. 

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