अखिल भारतीय इमाम संगठन के प्रमुख इमाम उमर अहमद इलियासी ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों को लेकर कड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर देश की जानी-मानी हस्तियों को खुलकर बोलना चाहिए और चुप्पी गलत संदेश देती है.

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उमर इलियासी ने विशेष रूप से अभिनेता शाहरुख खान का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए और बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ स्पष्ट बयान देना चाहिए. उनके अनुसार, ऐसे संवेदनशील समय में खामोशी स्वीकार्य नहीं है.

बांग्लादेश भारत की वजह से अस्तित्व में आया

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चीफ इमाम ने कहा कि आज जो बांग्लादेश अस्तित्व में है, उसमें भारत की बड़ी भूमिका रही है. ऐसे में वहां अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमले होना बेहद दुखद और निंदनीय है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब हालात इतने गंभीर हैं तो क्या ऐसे देश के लोगों को भारत में खेल या अन्य गतिविधियों की अनुमति दी जानी चाहिए.

इस्लाम के नाम पर हिंसा को बताया गलत

उमर इलियासी ने साफ शब्दों में कहा कि इस्लाम के नाम पर हिंसा करना इस्लाम की शिक्षाओं के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि धर्म किसी भी हालत में निर्दोष लोगों की हत्या या अत्याचार की इजाजत नहीं देता.

देश और इंसानियत से जुड़ा मुद्दा

उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मुद्दा सिर्फ राजनीति या धर्म का नहीं, बल्कि देश, मानवता और इंसानियत से जुड़ा है. सभी समुदायों और प्रभावशाली लोगों को एकजुट होकर हिंसा के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए, ताकि दुनिया को सही संदेश जाए. इससे पहले धर्मगुरु रामभद्राचार्य ने गुरुवार (1 जनवरी 2026) को बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान की आलोचना करते हुए कहा कि पड़ोसी देश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के बीच इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की उनकी टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR)  ने एक बांग्लादेशी क्रिकेटर को शामिल किया है.

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