विजय के इस एक्शन के खिलाफ थाने पहुंच गए दिनाकरण, अब AMMK ने किया TVK को समर्थन का ऐलान
Tamil Nadu Politics:तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर तब देखने को मिला जब एएमएमके के इकलौते विधायक एस. कामराज ने विधानसभा में विजय की पार्टी टीवीके सरकार को समर्थन देने का ऐलान कर दिया.

Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब AMMK (अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम) के इकलौते विधायक एस. कामराज ने विधानसभा में अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार को समर्थन देने का ऐलान कर दिया. यह घटनाक्रम इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि अब तक AMMK प्रमुख टीटीवी दिनाकरण और विजय के बीच इस समर्थन पत्र को लेकर तीखी कानूनी जंग चल रही थी.
TVK पर लगाया था 'जालसाजी' का आरोप
इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब विजय की पार्टी TVK ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि विधायक एस. कामराज ने साल 2026 में सरकार बनाने के लिए स्वेच्छा से उन्हें अपना समर्थन पत्र सौंपा है. इस दावे पर भड़कते हुए AMMK नेता टीटीवी दिनाकरण ने इसे एक बड़ी साजिश करार दिया था. दिनाकरण ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि TVK ने उनके विधायक का "फर्जी" समर्थन पत्र तैयार किया है.
विधानसभा में विधायक के समर्थन ने पलटा पूरा मामला
मई 2026 तक चले इस विवाद में सोमवार को उस समय नया मोड़ आया, जब खुद विधायक एस. कामराज ने विधानसभा के भीतर खड़े होकर विजय की सरकार का समर्थन करने की घोषणा कर दी. कामराज के इस कदम ने न केवल उनकी अपनी पार्टी के प्रमुख दिनाकरण को मुश्किल में डाल दिया है, बल्कि उन आरोपों पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं जिनमें समर्थन पत्र को फर्जी बताया गया था.
एआईएडीएमके का बड़ा फैसला
एआईएडीएमके ने इसी बीच बड़ा बयान दिया है. AIADMK नेता CV शनमुगम ने कहा, "हमने TVK को अपना समर्थन देने का फ़ैसला किया, जो विजयी रही." हमने इस पार्टी की स्थापना DMK के ख़िलाफ़ की थी. 53 सालों से, हमारी राजनीति DMK के ख़िलाफ़ रही है. इस इतिहास को देखते हुए, एक प्रस्ताव रखा गया था जिसमें सुझाव दिया गया था कि DMK के समर्थन से AIADMK की सरकार बनाई जाए; हालांकि, हमारे ज़्यादातर सदस्यों ने इसे अस्वीकार कर दिया और इसका विरोध किया. अगर हम DMK के साथ गठबंधन करते, तो AIADMK का अस्तित्व ही समाप्त हो जाता. उन्होंने ऐसी स्थिति को स्वीकार करने से इनकार कर दिया. हम अभी बिना किसी गठबंधन के खड़े हैं, और अब हमारा ध्यान अपनी पार्टी को फिर से मज़बूत और जीवंत बनाने पर होना चाहिए. आख़िरकार हमने TVK को अपना समर्थन देने का फ़ैसला किया, जो विजयी रही."

























