तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के भाषण का अंत भी उतना ही चर्चित रहा, जितना उनका पूरा संबोधन भाषण खत्म करने से पहले विजय ने स्पीकर से अनुमति मांगी और फिर खास फिल्मी अंदाज में हाथ का इशारा किया. यह नजारा देखते ही सदन में मौजूद विधायकों ने तालियां बजानी शुरू कर दीं और इसका वीडियो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

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तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का भाषण मंगलवार को सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा. भाषण के दौरान जब विजय ने DMK सरकार के कथित भ्रष्टाचार पर निशाना साधा तो सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया. DMK विधायकों ने विरोध प्रदर्शन किया और बाद में वॉकआउट कर दिया.

लेकिन पूरे घटनाक्रम का सबसे चर्चित क्षण वह रहा जब भाषण समाप्त करने के बाद विजय ने स्पीकर से अनुमति ली और अपने पुराने फिल्मी अंदाज में एक खास सिनेमाई इशारा किया. सदन में मौजूद सदस्य कुछ क्षणों के लिए हैरान रह गए, जबकि यह दृश्य सोशल मीडिया पर तुरंत चर्चा का विषय बन गया.

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कई लोगों ने विजय के इस जेस्चर की तुलना मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के उस चर्चित हाथ के इशारे से की, जिसका वीडियो इसी साल काफी वायरल हुआ था. कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे की बातचीत के बाद DMK मुख्यालय से निकलते समय स्टालिन ने हाथ उठाकर संकेत दिया था. सोशल मीडिया पर इसे "सब तय हो गया" या "मामला खत्म" के संदेश के रूप में देखा गया था.

हालांकि बाद में स्टालिन ने स्पष्ट किया था कि यह पूरी तरह सहज प्रतिक्रिया थी. उन्होंने बताया था कि पत्रकार लगातार पूछ रहे थे कि बातचीत खत्म हुई या नहीं, जिसके जवाब में उन्होंने हाथ का इशारा करते हुए कहा था, 'हो गया, खत्म हो गया.' बावजूद इसके, वह जेस्चर लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहा. अब विजय के नए इशारे ने उसी बहस को फिर से जिंदा कर दिया है.

विजय के टारगेट पर रही DMK

विजय ने अपने संबोधन में साफ किया कि उनकी पार्टी सिर्फ एक फिल्म स्टार की लोकप्रियता पर खड़ी राजनीतिक ताकत नहीं है. उन्होंने कहा, 'ज्यादातर लोग पहले राजनीतिक पार्टी बनाते हैं और फिर जनता के पास जाते हैं. हम पहले जनता के पास गए और उसके बाद पार्टी बनाई. जो लोग इसे नहीं समझ पाए, वही हमें सिर्फ एक अभिनेता की पार्टी कहकर खारिज करते रहे.'

मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि उनकी पार्टी ने 2026 का विधानसभा चुनाव बिना किसी गठबंधन के लड़ा था. उन्होंने कहा, '2026 के चुनाव में हमने अकेले चुनाव लड़ा. जनता ने हमें स्पष्ट रूप से समझा और हमें 35 प्रतिशत वोट मिले. हमें 1.72 करोड़ वोट प्राप्त हुए और हम एक बड़ी स्वतंत्र राजनीतिक शक्ति बनकर उभरे। यही कारण है कि आज हम सरकार में बैठे हैं.'

अपने राजनीतिक दर्शन को स्पष्ट करते हुए विजय ने द्रविड़ आंदोलन के जनक माने जाने वाले पेरियार ई.वी. रामासामी का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा, 'पेरियार द्वारा धार्मिक आस्था को अस्वीकार करना ऐसी बात नहीं है जिसे हमने स्वीकार किया हो, लेकिन हमने उनके व्यापक सिद्धांतों को पूरी तरह अपनाया है.'

विजय ने आगे कहा कि उनकी पार्टी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के समान अवसर और सामाजिक न्याय के विचारों को अपनाया है, जबकि कामराज के ईमानदार प्रशासन मॉडल को अपनी राजनीति की आधारशिला बनाया है.

DMK पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार आम लोगों की सरकार है. उन्होंने कहा, 'जैसे अन्ना के दौर में आम लोगों की सरकार थी और एमजीआर के समय बहुत साधारण लोगों की सरकार थी, वैसे ही विजय के नेतृत्व वाली यह सरकार सबसे साधारण लोगों की सरकार है.'

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