नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर एक तस्वीर जमकर शेयर की जा रही है. इस तस्वीर के जरिए दावा है कि 2 हजार के नोट पर शादी का निमंत्रण छपा है. इस सब के बीच बड़ी बात ये है कि वो शादी आज यानि 17 जनवरी को ही है. एबीपी न्यूज़ ने नोटनुमा निमंत्रण पत्र की पड़ताल की और इसका सच जानने की कोशिश की.

सोशल मीडिया पर घूम रही ये कहानी लोगों को दिलचस्प लग रही है. लोग जानना चाहते है कि क्या वाकई किसी ने 2 हजार के नोट जैसा शादी का कार्ड छपवाया है या ये आंखों का धोखा है.

इस नोटनुमा कार्ड के मुताबिक दुल्हन का नाम कृतिका है और दूल्हे का नाम विशाल है. सबसे ऊपर लिखा विवाह के ठीक बगल में लिखा है न्यू लाईफ बैंक, बोहरा परिवार द्वारा प्रत्याभूत. जबकि दो हजार के असली नोट में इस जगह 'भारतीय रिजर्व बैंक' केंद्रीय सरकार द्वारा प्रत्याभूत लिखा होता है.

असली नोट में दिखने वाले सीरियल नंबर की जगह शादी की तारीख- VK 170117 छपी हुई है. असली नोट में बाईं तरफ लिखे गए रु 2000 की जगह इसमें विवाह लिखा गया है. नोटनुमा कार्ड के बीचों बीच अंग्रेजी मे VIVAH छपा हुआ है जबकि असली नोट में यहां हिंदी में दो हजार रुपए छपा होता है.

असली नोट में जहां लिखा जाता है कि मैं धारक को दो हजार रुपये अदा करने का वचन देता हूं, उस जगह अंग्रेजी में लिखा गया है - हम एक-दूसरे से शादी और अपनी आखिरी सांस तक साथ रहने की कसम लेते हैं.

हालांकि, नोट के बीच में अलग-अलग भाषाओं में लिखा दो हजार रुपया नहीं हटाया गया है. इस नोटनुमा कार्ड की दूसरी तरफ बैंगलोर के गांधी नगर निवासी हीराचंद जैन का नाम और पता लिखा दिखाई दे रहा है.

कार्ड पर पता लिखा है- रिसेप्शन- 17 जनवरी 2017, मंगलवार, पता- श्री हीराचंदजी नाहर जैन भवन #26, 3rd cross, सिंडिकेट बैंक के पीछे जैन मंदिर के पास, गांधीनगर बैंगलुरु, 560 009

इस खबर का सच जानने के लिए एबीपी न्यूज ने पड़ताल शुरू की और हम नोट पर लिखे हुए पते पर पहुंचे कि क्या वहां 17 जनवरी के दिन कोई ऐसी शादी हो रही थी. बताए पते पर यानि जब हम बेंगलुरू पहुंचे तो वहां शादी का पंडाल दिखा जहां कृतिका वेड्स विशाल का बोर्ड लगा था और अंदर पहुंचे तो दूल्हा दुल्हन भी मौजूद थे.

ये कार्ड उन्होंने क्यों छपवाया इस पर बात करने के लिए कोई तैयार नहीं हुआ लेकिन ये साफ था कि कार्ड छपा था. कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या ऐसा करना नियमों का उल्लंघन हैं ?

हम आपको बता दें कि अगर सार्वजनिक स्थान पर नोट को फाड़कर उसका अपमान ना हो और नोट को छेड़छाड़ करके उसे चलाने की कोशिश ना की जाए तो किसी नियम का उल्लंघन नहीं होता. एबीपी न्यूज की पड़ताल में वायरल तस्वीर सच साबित हुई है.