परीक्षाओं में सुधार की मांग को लेकर 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे मशहूर शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने जबरन जंतर-मंतर से हटा दिया है. उन्हें हिरासत में लेकर तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने मेरे साथ मारपीट की है. इसी बीच ममता की तृणमू्ल कांग्रेस का भी बयान आया है.

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टीएमसी की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने पुलिस की इस कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने इसे सरकारी हिंसा करार दिया है. टीएमसी नेता ने पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर न्यूज एजेंसी एएनआई का एक वीडियो रि-पोस्ट करते हुए लिखा, "यह किस तरह की जबरदस्ती सरकारी हिंसा है? उन्होंने मोदी सरकार को नैतिक रूप से दिवालिया करार दिया.

सागरिका घोष ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि नैतिक रूप से दिवालिया नरेंद्र मोदी सरकार सिर्फ़ डंडे का इस्तेमाल करना जानती है, जो बिल्कुल भी मंजूर नहीं है. वहीं इस पूरे मामले को लेकर मीडिया से बात करते हुए कॉकरोच पार्टी के नेता अभिजीत दीपके ने पूरी बात बताई. उन्होंने कहा कि सुबह 7 बजे जब मैं फ्रेश होने के लिए बाहर निकला, तो पुलिस के गुंडे वहां आ गए और वे सोनम सर को गालियां देते हुए घसीटकर ले गए.

हमें नहीं पता कि वे उन्हें कहां ले गए हैं- दीपके

अभिजीत दीपके ने कहा कि 60 साल के एक व्यक्ति, जो 20 दिनों से भूख हड़ताल पर थे और जिन्होंने कुछ भी नहीं खाया था, उन्हें दिल्ली पुलिस जबरदस्ती घसीटकर ले गई. उन्होंने आगे कहा कि हमें नहीं पता कि वे उन्हें कहां ले गए हैं. जब मुझे यह खबर मिली तो मैं अपने दोस्त के घर से जंतर-मंतर जा रहा था, तो उस दौरान पुलिस ने मेरे साथ भी मारपीट की.

दिल्ली पुलिस को बताया आरएसएस का गुंडा

अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस को आरएसएस का गुंडा करार दिया है. उन्होंने कहा, "ये पुलिस अधिकारी नहीं हैं बल्कि ये आरएसएस के गुंडे हैं. मैं विदेश से अपने देश लौटा था, क्या मैं अपराधी हूं? वे गुंडे हैं पुलिस नहीं, बल्कि RSS के गुंडे हैं." ये भी पढ़ें 

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