तृणमूल कांग्रेस के बागी 20 सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर कहा है कि वे NDA का समर्थन करेंगे. ममता बनर्जी के कहने पर राजनीति में आईं टॉलीवुड एक्ट्रेस और बागी सांसद शताब्दी रॉय ने कहा कि वो भी इस फैसले का समर्थन करती हैं. शताब्दी रॉय से जब पूछा गया कि क्या उन्हें कोई उलझन महसूस हो रही है तो उन्होंने एक चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि मुझे लगता है कि राजनीतिक तौर पर मैंने सही फ़ैसला लिया, लेकिन भावनात्मक और नैतिक रूप से मैं गलत हूं. 

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जब उनसे पूछा गया कि वह ममता बनर्जी से क्या कहना चाहेंगी तो रॉय ने एक चौंकाने वाली बात कही. उन्होंने कहा कि दीदी (ममता बनर्जी) हम आपको याद करते हैं. बंगाल चुनाव में बीजेपी से बुरी तरह हारने के बाद ममता बनर्जी और उनकी पार्टी को विधानसभा और संसद में भीतरी बगावत का सामना करना पड़ रहा है. कम से कम 60 विधायक पहली बार विधायक बने रितब्रता बनर्जी का समर्थन कर रहे हैं, जो खुद को असली तृणमूल बताते हैं. इसके अलावा 20 बागी सांसदों ने घोषणा की है कि वे जनता के जनादेश को देखते हुए NDA का समर्थन करेंगे. 

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2 दिन पहले ही तृणमूल सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने टीएमसी छोड़ दी है. इसके बाद तृणमूल सांसद सुष्मिता देव ने भी पार्टी और अपनी राज्यसभा सीट छोड़ दी है. शताब्दी रॉय ने माना कि भ्रष्टाचार की वजह से ही पार्टी लोगों से दूर हो गई और ममता बनर्जी के इस मुद्दे पर ध्यान न देने के कारण नेता पार्टी प्रमुख से दूर हो गए हैं. 

ममता की बैठक का जिक्र कर क्या बोलीं शताब्दी रॉय  शताब्दी रॉय ने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि ममता बनर्जी ने चुनाव नतीजों पर चर्चा के लिए पार्टी नेताओं को बुलाया था. हार का कारण सभी को साफ पता थे, लेकिन बनर्जी ने हार मानने से इनकार कर दिया और कोई भी उनकी बात का विरोध नहीं कर सका. कोई भी अपनी राय नहीं बता सका. उन्होंने (ममता बनर्जी) कहा कि हम BJP से हारे नहीं हैं. वे मुझे धमका रहे हैं. इसके बाद उन्होंने मुझसे कहा कि अगर आपको कोई समस्या है, कोई शिकायत है तो उसे लिख लीजिए. तब उन्होंने कहा कि हमारे पास लिखने का समय नहीं है और आपको (ममता बनर्जी) तुरंत फैसला लेना होगा. 

भ्रष्टाचार बहुत बड़ी समस्या- रॉय जब उनसे पूछा गया कि वो पार्टी प्रमुख से क्या फैसला करवाना चाहती थीं तो रॉय ने कहा कि पहले यह विश्लेषण करें कि हम क्यों हारे? यह I-PAC की समस्या है. यह अभिषेक की समस्या है और यह हमारे भ्रष्टाचार की समस्या है. भ्रष्टाचार एक बहुत बड़ी समस्या है, लेकिन वह इस बात पर ध्यान नहीं दे रही थीं और उस दिन हम कुछ नहीं कह सके. तब मुझे लगा कि पार्टी कोई बदलाव या कोई फेरबदल नहीं चाहती. यह सब ऐसे ही चलता रहेगा.

जब उनसे पूछा गया कि क्या ममता बनर्जी के कांग्रेस में विलय की कोई संभावना है तो रॉय ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि कोई और विकल्प बचा है. अगर टीएमसी कांग्रेस के साथ जुड़ जाती है तो यह एक बेहतर मौका होगा. उन्होंने आगे कहा कि मुझे ममता के लिए बुरा लगता है. मैं उनसे भावनात्मक रूप से जुड़ी हुई हूं. यह यकीन करना मुश्किल है कि मैं उनके साथ नहीं हूं, लेकिन इस बार ममता बनर्जी की हालत खराब है.

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