नंदीग्राम में ममता को TMC के बागियों ने उकसाया, '...तो नहीं देंगे कैंडिडेट'
ममता बनर्जी को टीएमसी के बागियों के साथ उनके करीबी ने भी चुनौती दी है कि वो नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ें. हालांकि टीएमसी ने इसपर कोई फैसला अभी तक नहीं लिया है कि नंदीग्राम से कौन उम्मीदवार होगा.

पश्चिम बंगाल में दो सीटों नंदीग्राम और रेजीनगर में होने वाले विधानसभा उप-चुनाव को लेकर सियासी पारा गर्म है. पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को टीएमसी के बागियों ने चुनौती दी है कि वो इस सीट से चुनाव लड़ें. अगर वो नंदीग्राम से लड़ती हैं तो उम्मीदवार नहीं उतारेंगे.
इस बीच सत्ताधारी BJP ने विधानसभा उपचुनाव से पहले 263 सदस्यों वाली राज्य कार्यकारिणी समिति बनाई है. इसमें वरिष्ठ नेताओं को संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिनमें सुवेंदु अधिकारी भी शामिल हैं. अधिकारी को तामलुक संगठनात्मक जिले की जिम्मेदारी दी गई है. इसी जिले में नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र आता है.
क्या ममता लड़ेंगी चुनाव?
नंदीग्राम में 6 अक्टूबर को उपचुनाव तय है. नंदीग्राम के साथ-साथ मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर सीट पर भी उपचुनाव होगा. रेजीनगर सीट हुमांयु कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई है. वहीं नंदीग्राम सीट सीएम सुवेंदु अधिकारी ने छोड़ी है. वो नंदीग्राम के साथ भवानीपुर से जीते थे. यहां उन्होंने विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को हराया था.
अब उप-चुनाव में सवाल उठ रहे हैं कि क्या टीएमसी की प्रमुख ममता बनर्जी विधानसभा उप-चुनाव लड़ेंगी. नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को 2021 में सुवेंदु अधिकारी ने हराया था. हालांकि वो भवानीपुर से जीत गईं और सीएम बनीं. अब ममता बनर्जी के सामने कई चुनौतियां हैं. चुनाव में बड़ी हार मिली है. अपने साथ छोड़ रहे हैं और टीएमसी का अलग गुट बन चुका है. माथे पर दो सीटों का उप-चुनाव है.
टीएमसी के नेता ने भी दी चुनौती
मंगलवार को TMC के सीनियर नेता अबू ताहिर ने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को चुनौती दी है कि वे उसी सीट से चुनाव लड़ें जिसे उन्होंने 2021 में चुना था. उन्होंने यह भी सवाल किया कि जब पिछली बार ममता बनर्जी ने खुद अधिकारी का मुकाबला किया था, तो अब किसी स्थानीय नेता को क्यों लड़ना चाहिए?
ताहिर 2007 में नंदीग्राम में जमीन अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक थे. उन्होंने कहा कि अगर TMC उनसे उपचुनाव लड़ने के लिए कहती है तो वे मना कर देंगे. ताहिर ने कहा, "ममता बनर्जी को नंदीग्राम उपचुनाव में आकर लड़ना चाहिए. वे तब लड़ने आई थीं जब TMC सत्ता में थी. अब मुझे क्यों लड़ना चाहिए?"
वहीं बागी गुट ने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी से नंदीग्राम से चुनाव लड़ने को कहा. दावा किया कि वे उनके खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारेंगे. बागी TMC प्रवक्ता रिजु दत्ता ने कहा, "अगर ममता बनर्जी नंदीग्राम से चुनाव लड़ती हैं, तो हम कोई उम्मीदवार नहीं उतारेंगे. हम चाहते हैं कि वह चुनाव लड़ें, जीतें और विधानसभा लौटें."
मदन मित्रा ने क्या कहा?
एक अन्य बागी TMC विधायक मदन मित्रा ने कहा कि इस फैसले का मकसद BJP-विरोधी वोटों के बंटवारे को रोकना और बनर्जी के लिए नंदीग्राम में राह आसान करना है. मित्रा ने कहा, "अगर ममता बनर्जी नंदीग्राम से चुनाव लड़ती हैं, तो हम कोई उम्मीदवार नहीं उतारेंगे. इससे यह साबित होगा कि हमने BJP को विपक्ष के वोटों में बंटवारा नहीं करने दिया."
उन्होंने कहा, "इससे यह भी साबित हो जाएगा कि BJP की B-टीम कौन है. अगर हम B-टीम होते, तो हम दो के बजाय तीन या चार उम्मीदवार उतार सकते थे." यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब TMC के दो विरोधी गुट नंदीग्राम और रेजीनगर में 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव की तैयारी कर रहे हैं.
रिताब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट का कहना है कि वह TMC के नाम और चुनाव चिह्न पर अपना दावा पेश करेगा, साथ ही अगर नामांकन प्रक्रिया खत्म होने से पहले चुनाव आयोग विवाद को उनके पक्ष में नहीं सुलझाता है, तो वे निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर रहे हैं.





















