ममता बनर्जी की टीएमसी सबसे बुरे दौर से गुजर रही है. कांग्रेस में विलय की अटकलों के बीच ममता बनर्जी को एक और झटका लगा है. आज (11 जून) को राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बरेक ने भी इस्तीफा दे दिया है. बता दें कि एक सप्ताह के अंदर टीएमसी से तीसरे राज्यसभा सांसद ने इस्तीफा दिया है. बुधवार को सुष्मिता देव ने भी राज्यसभा सांसद के तौर पर अपना इस्तीफा दिया था. 

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राज्यसभा में 13 सांसदों वाली टीएमसी अब बरेक के रिजाइन के बाद घटकर महज 10 पर आ गई है. इससे पहले सुखेंदु शेखर रे और सुष्मिता देव ने भी पद छोड़ दिया. कहा जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में 3 और सांसद पद से इस्तीफा दे सकते हैं. हालांकि अभी ये साफ नहीं है कि इनमें कौन-कौन शामिल है.

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सुखेंदु शेखर रे ने पूर्व की टीएमसी सरकार पर भ्रष्टाचार, कमजोर स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था समेत कई गंभीर सवाल उठाए थे तो वहीं सुष्मिता देव ने अपने इस्तीफे की वजह साफ नहीं की है और वो बाद में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मिलने पहुंचीं थीं. इसके अलावा लोकसभा में टीएमसी में बड़ी बगावत देखने को मिल रही है. 

ओम बिरला को लेटर सौंप सकते हैं बागी नेताटीएमसी के बागियों के गुट में 20 सांसदों के शामिल होने की अटकलें हैं, जिनमें यूसुफ पठान, शताब्दी रॉय, काकोली घोष दस्तीदार और शत्रुघ्न सिन्हा समेत तमाम नाम शामिल हो सकते हैं. ये नेता काकोली घोष की अगुवाई में एनडीए को समर्थन देने वाला लेटर लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को सौंप सकते हैं.

बता दें कि 4 मई को जब चुनाव आयोग ने चुनाव के नतीजे जारी किए तो टीएमसी ने 80 सीटों पर जीत हासिल की थी. ममता बनर्जी खुद चुनाव हार गईं थीं. इसके बाद टीएमसी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में रितब्रता बनर्जी और संदीपन साहा को निष्कासित कर दिया था और बाद में उनके ही गुट बना लेने के कारण करीब 60 विधायक ममता से बागी हो गए. 

सोनिया गांधी से मिली थीं ममता बनर्जीममता बनर्जी अपने भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ बीते दिनों विपक्षी गठबंधन की बैठक में शामिल होने दिल्ली पहुंची थीं. उस दौरान ही सांसदों ने बगावत कर दी थी. इसके बाद ममता बनर्जी और सोनिया गांधी की मुलाकात हुई थी. इसके बाद अभिषेक बनर्जी और राहुल गांधी की भी मीटिंग हुई थी, जिससे माना जा रहा था कि टीएमसी का कांग्रेस में विलय हो सकता है, लेकिन टीएमसी और कांग्रेस ने अबतक ऐसी किसी भी योजना से इनकार किया है.

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