ममता बनर्जी की पार्टी को एक और बड़ा झटका लगा है. टीएमसी के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इस्तीफे के बाद प्रकाश चिक का पहला बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि बंगाल के लोगों ने जिस तरह का जनादेश दिया है, उसको देखते हुए मैंने इस्तीफा देने का फैसला किया है. उन्होंने शुभेंदु अधिकारी सरकार के कामकाज की तारीफ भी की.

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इस्तीफे के बाद क्या बोले प्रकाश चिक?

उन्होंने आगे कहा कि 'केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय न होने की वजह से बंगाल को काफी नुकसान हुआ है. पहले 34 साल लेफ्ट और फिर टीएमसी के 15 साल मिलाकर पश्चिम बंगाल में केंद्र-राज्य के बीच तालमेल नहीं था, जिसका नुकसान जनता को हो रहा था. चिक ने बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के कामकाज की तारीफ की. साथ ही यह भी कहा कि 'मुख्यमंत्री जो भी निर्देश देंगे, हम लोग उसी तरह से काम करेंगे.'

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राज्यसभा के सभापति को भेजा इस्तीफा

बड़ाईक ने राज्यसभा के सभापति को अपना इस्तीफा भेज दिया है. राज्यसभा सभापति को भेजे गए अपने इस्तीफा पत्र में प्रकाश चिक बड़ाईक ने लिखा कि वह राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं और इसे तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया जाए. उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग के लिए सभापति, उपसभापति तथा राज्यसभा सचिवालय के अधिकारियों के प्रति आभार भी व्यक्त किया.

उन्होंने आगे लिखा, 'राज्यसभा सदस्य के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान मिली हर तरह की मदद और सहयोग के लिए मैं सभापति, उप-सभापति और राज्यसभा सचिवालय के सभी अधिकारियों का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं.'

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चिक की टीएमसी के बड़े नेताओं में थी गिनती

प्रकाश चिक बड़ाईक पश्चिम बंगाल से राज्यसभा सांसद थे. उनकी गिनती तृणमूल कांग्रेस के बड़े नेताओं में की जाती थी. उनके इस्तीफे को टीएमसी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब पार्टी को संगठनात्मक स्तर पर कई बदलाव और राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.

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